
'प्रदूषण के लिए BJP और AAP दोनों जिम्मेदार...', कांग्रेस ने निकाली 'नई दिल्ली प्रतिज्ञा रैली'
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दिल्ली कांग्रेस ने दोनों ही पार्टियों के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के क्षेत्र 'नई दिल्ली प्रतिज्ञा रैली' की. दिल्ली कांग्रेस ने पिछले लंबे वक्त से दोनों ही पार्टियों के खिलाफ जवाब दो हिसाब दो का कैंपेन चला रखा है. बाहरी दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के बाद दिल्ली कांग्रेस ने नई दिल्ली इलाके में यह रैली की.
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. दिल्ली कांग्रेस ने दोनों ही पार्टियों के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के क्षेत्र 'नई दिल्ली प्रतिज्ञा रैली' की. दिल्ली कांग्रेस ने पिछले लंबे वक्त से दोनों ही पार्टियों के खिलाफ जवाब दो हिसाब दो का कैंपेन चला रखा है. बाहरी दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के बाद दिल्ली कांग्रेस ने नई दिल्ली इलाके में यह रैली की. यह रैली इसलिए भी काफी ज्यादा अहम मानी जा रही है क्योंकि यह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्षेत्र है.
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की कोषाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मकान ने शीला दीक्षित के कार्यकाल को याद करते हुए केजरीवाल सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज दिल्ली वाला जब सर उठा कर के देखता है, तो आसमान की तरफ प्रदूषण ही प्रदूषण नजर आता है. शीला दीक्षित सरकार के दौरान दिल्ली में प्रदूषण की इतनी भयावह स्थिति कभी देखने को नहीं मिली. शीला दीक्षित सरकार ने प्रदूषण के बढ़ने से पहले ही 90,000 व्हीकल को सीएनजी में तब्दील कर दिया था. जिससे कभी भी प्रदूषण की स्थिति दिल्ली में खराब नहीं हुई.
कांग्रेस नेता ने प्रदूषण के लिए केंद्र और राज्य दोनों को ठहराया जिम्मेदार
अजय माकन ने कहा कि लेकिन आज केजरीवाल सरकार बीजेपी पर और बीजेपी केजरीवाल सरकार पर इसका ठीकरा फोड़ते रहती है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता. अजय माकन ने कहा, आज दिल्ली में रहने वाले लोग दिल्ली से पलायन कर रहे हैं. एक सिगरेट के पैकेट जितना धुंआ हर रोज दिल्ली वाले अपनी सांसों के जरिए ले रहे हैं और इसके लिए दोनों सरकारें जिम्मेदार हैं मेट्रो के सारे प्रोजेक्ट महीनों डिले हो रहे हैं.
प्रतिज्ञा रैली में दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली ने बीजेपी और दिल्ली सरकार पर हमला करते हुए कहा कि निजामुद्दीन में 200 झुग्गियों को तोड़ दिया गया और दोनों ही सरकारें आंखें खोलकर तमाशा देखती रहीं. सर्दी में उन झुग्गियों में रहने वाले लोग खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं.

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