
पॉकेट साइज़ संविधान कॉपीराइट विवाद: रूपा पब्लिकेशंस को झटका, EBC के पक्ष में कोर्ट ने सुनाया फैसला
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दिल्ली हाई कोर्ट ने रूपा पब्लिकेशंस को EBC की याचिका पर भारतीय संविधान के पॉकेट साइज़ संस्करण का प्रकाशन और बिक्री रोकने का आदेश दिया है. कोर्ट ने रूपा पर EBC के लाल-काले कवर डिजाइन की नकल करने का आरोप माना है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने रूपा पब्लिकेशंस को भारतीय संविधान के 'कोट-पॉकेट संस्करण' के प्रकाशन और बिक्री पर रोक लगा दी है. यह फैसला भारत के पॉकेट साइज़ संविधान की पुस्तक प्रकाशन के विवाद में ईस्टर्न बुक कम्पनी (EBC) के पक्ष में आया है. रूपा पब्लिकेशंस को न सिर्फ प्रकाशन और बिक्री रोकने बल्कि बचा हुआ स्टॉक और ऑनलाइन लिस्टिंग भी हटाने का आदेश दिया गया है. राजनीतिक गलियारे में संविधान की ऐसी लाल और काले कवर वाली पुस्तक काफी चलन में है, जिसके डिजाइन की EBC ने कानूनी सुरक्षा मांगी थी.
हाई कोर्ट में जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की एकल जज बेंच ने यह माना कि रूपा पब्लिकेशंस ने EBC के लाल-काले डिजाइन और अन्य विशेषताओं की नकल की है. कोर्ट ने कहा कि सामान्य उपभोक्ता को दोनों पुस्तकों की ट्रेड ड्रेस (रंग, डिजाइन, लेआउट) एक जैसी लग सकती है और इससे भ्रम पैदा होगा.
EBC ने बताया कि वे 2009 से लाल-काले रंग, स्पेशल फॉन्ट, गोल्ड लीफिंग और पतले कागज वाले यह संस्करण छाप रहे हैं, जो वकीलों, जजों, नेताओं और आम जनता में काफी लोकप्रिय है.
EBC को हुए नुकसान का दावा...
EBC ने दावा किया कि रूपा पब्लिकेशंस द्वारा उनके डिजाइन की नकल करने की वजह से सितंबर 2025 में उन्हें 18 हजार कॉपीज के ऑर्डर में भी नुकसान हुआ. खरीदार को लगा कि रूपा का सस्ता संस्करण वही क्वालिटी है, लेकिन यह सस्ता होने की वजह से भ्रम पैदा हुआ. कोर्ट ने अपने फैसले में टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनियों 'कोलगेट बनाम ऐंकर' जैसे पहले के फैसलों का हवाला दिया.
कोर्ट ने कहा कि भले ही कोई एक रंग पर अधिकार नहीं जमा सकता लेकिन लंबे वक्त से इस्तेमाल किए जा रहे स्पेशल रंग कॉम्बिनेशन और डिजाइन की कानूनी सुरक्षा होती है.

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