
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को क्यों कंट्रोल नहीं कर रही सरकार? सुनें 'आज का दिन'
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पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. कल भी बढ़े. लगातार नौवां दिन था कल जब क़ीमत बढ़ीं. पूरे साल की बात करें तो 21 बार क़ीमत उछली है अब तक.
पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. कल भी बढ़े. लगातार नौवां दिन था कल जब क़ीमत बढ़ीं. पूरे साल की बात करें तो 21 बार क़ीमत उछली है अब तक. इसे ऐसे भी देखें कि दोनों पैट्रोलियम प्रोडक्ट्स के दामों को मिलाकर छह रुपए अब तक बढ़ाए जा चुके हैं.. तो पब्लिक में एक बेचैनी दिख रही है मगर सरकार शांत है. कोई कोशिश नहीं दिख रही उस तरफ़ से कि बयान आए या आश्वासन आए कि हम इसे कंट्रोल करेंगे वग़ैरह वग़ैरह.. जैसा आम तौर पर एक्सपेक्ट किया जाता है सरकार से. तो कारण क्या है इसके पीछे.. इंडिया टुडे डॉट कॉम के सीनियर असिस्टेंट एडिटर है प्रभाष दत्ता, वो बता रहे हैं. उत्तराखंड सरकार और विश्व हिंदू परिषद के टकराव की संभावना बनती दिख रही है. दिसंबर 2019 के समय उत्तराखंड सरकार ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत प्रदेश के 51 मंदिरों का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के लिए एक्ट के जरिए चार धाम देवस्थानम बोर्ड बनाया था. एक्ट को मंजूरी मिलने से पहले ही मंदिरों के पुरोहितों ने बोर्ड और मंदिरों के सरकारीकरण का विरोध शुरू कर दिया था. प्रदेश भर के पुजारियों का यही कहना है कि उनकी इच्छा के विरुद्ध जाकर इस बोर्ड का गठन किया गया है, जिससे हजारों पुजारियों के सामने रोजी- रोटी का संकट पैदा हो गया है. अब विहिप का कहना है कि वो इस मामले में अभियान चला सकती है, सुनिए पूरा मामला क्या है आजतक रेडियो रिपोर्टर दिलीप सिंह राठौड़ से.
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