
'पुरुष टीम ने कभी सम्मान नहीं दिया', हरमन ब्रिगेड ने मिताली-झूलन को सौंपी ट्रॉफी तो क्यों भड़क उठे अश्विन
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रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय महिला टीम की वर्ल्ड कप जीत को भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत की टीम द्वारा मिताली राज और झूलन गोस्वामी को ट्रॉफी सौंपना सम्मान और परंपरा का अद्भुत उदाहरण है.
भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रविवार को हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला टीम द्वारा वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद दिल छू लेने वाली प्रतिक्रिया दी. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रचा. लेकिन इस महाजीत के बाद मिताली राज, झूलन गोस्वामी और अंजुम चोपड़ा भी स्टेडियम में मौजूद थीं. जब भारत ने ट्रॉफी उठाई, तो हरमनप्रीत और उनकी टीम ने ट्रॉफी मिताली और झूलन को सौंप दी और इस भावुक पल ने सभी को भावविभोर कर दिया.
अश्विन ने क्या कहा
अश्विन ने महिला टीम की इस भावना को “बेहद प्रेरणादायक” बताया और कहा कि पुरुष टीम ने अब तक ऐसा कदम नहीं उठाया है. अश्विन ने कहा, 'भारतीय टीम ने ट्रॉफी मिताली राज को दी. उन्होंने ऐसा क्यों किया? मैं इसके लिए उन्हें सलाम करता हूं. भारतीय पुरुष टीम ने कभी ऐसा नहीं किया. हम मीडिया में तो कहते हैं कि ‘इस खिलाड़ी ने यह किया’, ‘उसने वो किया’, लेकिन सच्चा सम्मान अक्सर नहीं दिया जाता.'
अश्विन ने आगे कहा कि इस महिला टीम ने अपने पूर्व खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर दिखाया कि जिन बीजों को उन्होंने कभी बोया था, वे अब एक महान वृक्ष बन चुके हैं. यह जीत आज की नहीं, बल्कि 25-30 साल की मेहनत का नतीजा है.
अश्विन ने बताया कि अब भारत के पास तीन वनडे वर्ल्ड कप ट्रॉफियां हैं-
* 1983: कपिल देव की कप्तानी में * 2011: एमएस धोनी की अगुवाई में * 2025: हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में (महिला टीम)

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