
पुणे के हिस्ट्रीशीटर से बेटे पार्थ पवार ने की मुलाकात, उप मुख्यमंत्री अजित पवार बोले ऐसा नहीं होना चाहिए था
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की पुणे के गैंगस्टर गजानन मार्ने के साथ मुलाकात की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. इस मामले में अजित पवार का कहना है कि यह मुलाकात गलत थी और इससे बचना चाहिए था. उन्होंने कहा कि वह पार्थ और गजानन के बीच हुई मुलाकात की जानकारी जुटाएंगे.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को कहा कि उनके बेटे की हिस्ट्रीशीटर से मुलाकात गलत थी और इससे बचना चाहिए था. दरअसल, इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं थीं, जिसके बाद अजित पवार ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि वह पार्थ पवार और गैंगस्टर गजानन मार्ने के बीच हुई मुलाकात की सारी जानकारी जुटाएंगे.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि पार्टी कार्यकर्ता उनके बेटे को वहां ले गए हों. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ने दावा किया, "घटना के बाद मैंने पुलिस से स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे तत्वों को उनके करीब नहीं आना चाहिए. यह किसी भी नेता के साथ हो सकता है."
बारामती विधायक ने कहा, "जो हुआ वह गलत था. मैं सभी विवरण इकट्ठा कर रहा हूं. ऐसा लगता है कि पार्टी कार्यकर्ता पार्थ को वहां ले गए. ऐसा नहीं होना चाहिए था. मैं उनसे बात करूंगा." पवार ने कहा कि एक हिस्ट्रीशीटर को एक बार पार्टी में शामिल किया गया था. मगर, उसका अतीत सामने आने के तुरंत बाद उसे हटा दिया गया. कई एनसीपी कार्यकर्ताओं के साथ पार्थ पवार और गजानन मार्ने के बीच मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं थीं.
रिहाई पर निकाली थी 300 कारों की रैली
गजानन मार्ने पुणे शहर का एक कुख्यात गैंगस्टर है. वह मर्डर के दो मामलों में तलोजा जेल में बंद था. फरवरी 2021 में रिहा होने के बाद उसने तलोजा से पुणे तक 300 से ज्यादा कारों की रैली निकाली थी. कार का सनरूफ खोलकर वह खड़ा था और लोगों का अभिवादन कर रहा था. इसके बाद वह सुर्खियों में आ गया था. इसका वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ था.

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