
पानी की तेज धार में बह गया पूरा परिवार, उधर वीडियो के लिए युवक की पानी में छलांग... ये है 'मौत के झरने' की कहानी
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पहली तस्वीर है पुणे के पास मौजूद लोनावाला के पहाड़ी इलाके की, जहां एक ही परिवार के दस लोग एक पहाड़ी झरने में आए तेज़ बहाव की चपेट में आ गए. जबकि दूसरी है पुणे के पिंपड़ी चिंचवड़ इलाके के एक झरने की, जहां एक नौजवान ने ऐसी छलांग लगाई कि वो लाख कोशिशों के बावजूद कभी बाहर ही ना आ सका.
महाराष्ट्र से दो तस्वीरें सामने आईं. उन दोनों ही तस्वीरों में मौत से ठीक पहले के लम्हे कैद हैं. एक परिवार पहाड़ी झरने पर घूमने गया था. लेकिन अचानक पानी का बहाव तेज हो जाने से पूरा परिवार पानी में तिनकों तरह बहने लगता है. उसी पहाड़ी झरने पर एक नौजवान भी मौजूद था. वो नौजवान झरने के ऊपर से छलांग लगाता है. लेकिन अचानक वो लड़का भी गायब हो जाता है. पुलिस दोनों ही मामलों में छानबीन करने की बात कह रही है. ये दोनों कहानी किसी भी इंसान को दहला सकती हैं.
मौत की दो लाइव तस्वीरें कैमरे में कैद मौत की ये दो तस्वीरें हैं. दोनों ही तस्वीरें सिरहन पैदा करने वाली हैं. लेकिन दोनों ही तस्वीरों में कभी ना भूलने वाला सबक भी है. पहली तस्वीर है पुणे के पास मौजूद लोनावाला के पहाड़ी इलाके की, जहां एक ही परिवार के दस लोग एक पहाड़ी झरने में आए तेज़ बहाव की चपेट में आ गए. जबकि दूसरी है पुणे के पिंपड़ी चिंचवड़ इलाके के एक झरने की, जहां एक नौजवान ने ऐसी छलांग लगाई कि वो लाख कोशिशों के बावजूद कभी बाहर ही ना आ सका. और आखिरकार इन दो वारदातों में जहां पांच लोगों की मौत हो गई, वहीं एक शख्स अब भी लापता है.
मौत के झरने में पहली वारदात अब आइए कैमरे में क़ैद मौत की इन दोनों ही तस्वीरों को सिलसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करते हैं. ये तस्वीर है लोनावाना के एक पहाड़ी झरने की. जहां वीकेंड पर बहुत से लोग अपने-अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने पहुंचे हैं. और इन्हीं में एक परिवार ये भी है, जिसके दस लोग अब से बस कुछ देर पहले तक इस पहाड़ी झरने में पानी के बीचों-बीच कुदरत की खूबसूरती का आनंद ले रहे थे. लेकिन इसे कुदरत की नाराजगी कहें, इन लोगों की गलती या फिर होनी.
अचानक तेज हो गया पानी का बहाव हुआ यूं कि अचानक इस पहाड़ी झरने में पानी का बहाव तेज़ हो गया. और पानी कुछ इतनी तेज़ी से बढ़ा कि देखते ही देखते झरने के बीचों-बीच मौजूद इस परिवार के साथ दस लोग इस बहाव में फंस गए. पहले तो लोगों को ये गुमान नहीं था कि ये बहाव उनकी जिंदगी पर भारी पड़ने वाला है. कुछ देर तक लोग आनंद भी लेते रहे, वीडियो भी बनाते रहे. लेकिन जैसे ही उन्हें अहसास हुआ कि पानी का बहाव और तेज़ हो रहा है और अब उनका बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है, सबकी सांसें हलक में अटक गईं.
पानी के तेज बहाव में बह गया पूरा परिवार आनन-फानन किनारे पर मौजूद लोगों ने जितना बन पड़ा अपनी तरफ से लोगों को बचाने की कोशिश शुरू की. कोई लगातर उन्हें चिल्ला-चिल्ला कर मजबूती से खड़े रहने की बात कह रहा था, कोई हौसला दे रहा था, तो कोई पेड़ों की टहनियां तोड़ कर उन्हें पानी में फंसे लोगों तक फेंक कर उन्हें किनारे तक खींचने की कोशिश कर रहा था. लेकिन कुदरत के आगे भला किसका ज़ोर चलता है? पानी के तेज बहाव के चलते किसी के लिए भी बीच में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाना मुमकिन नहीं हुआ. और मौत से चलती इस रस्साकशी के बाद आखिरकार इंसानों की पकड़ कमजोर पड़ गई. पैर फिसला और पानी के बीच फंसे सभी के सभी लोग तेज धार में तिनकों की मानिंद बहने लगे.
परिवार के 10 लोगों में से पांच बचे इधर, किनारे पर मौजूद लोगों का कलेजा मुंह को गया. जो चश्मदीद थे, वो तो थे ही. इसी परिवार के कुछ दूसरे लोग भी बेबस और कातर निगाहों से अपनों को पानी की धार में बहते हुए देख रहे थे और आखिरकार वही हुआ, जो ऐसे भयानक हादसों में हुआ करता है. पानी की धार में फंसे एक ही परिवार के दस लोगों में से पांच तो किसी तरह से बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन बाकी के पांच लोगों का कोई पता नहीं चला. और आखिरकार इन पांच में से चार की मौत की खबर आ गई. उनकी लाश बरामद कर ली गई, जबकि एक का अब भी कोई अता-पता नहीं है.

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