
पाकिस्तान से जंग के मामले में क्या तालिबान उसके आगे टिक पाएगा?
BBC
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंधों में एक बार फिर कड़वाहट आई है. पाकिस्तानी सेना ने जहां अफ़ग़ानिस्तान में हमले किए हैं. वहीं तालिबान ने कहा है कि वो इसका जवाब देगा.
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की अंतरिम सरकार के रक्षा मंत्रालय ने देश के पूर्वी प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है और चेतावनी दी है कि इन हमलों का 'उचित समय पर भरपूर जवाब दिया जाएगा.'
तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने 22 फ़रवरी को 'एक्स' पर जारी एक बयान में पाकिस्तानी हवाई हमलों को 'आपराधिक कृत्य' और 'अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और इस्लामी मूल्यों का खुला उल्लंघन' बताया था.
इस बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय "देश की संप्रभुता और जनता की सुरक्षा को राष्ट्रीय और धार्मिक कर्तव्य समझता है और वादा करता है कि इस कार्रवाई का उचित और समय पर जवाब दिया जाएगा."
ध्यान रहे कि पाकिस्तान में सैन्य सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान की तरफ़ से किए गए हवाई हमलों में तीन प्रांतों नंगरहार, पकतीका और ख़ोस्त में मौजूद टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और दूसरे चरमपंथी संगठनों के सात केंद्रों को नष्ट कर दिया गया.
यह दावा भी किया गया है कि इन हमलों में 80 से अधिक चरमपंथी मारे गए हैं.
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दूसरी तरफ़ तालिबान अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित बेगुनाह लोग मारे गए हैं.

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