
पाकिस्तान पर पड़ रही दोहरी मार, 7000 घर तबाह, 800 मौतें... भारत ने भी छोड़ा पानी
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भारी बारिश और भारत की तरफ से छोड़े गए पानी ने पाकिस्तान में तबाही मचा दी है. अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घर, सड़कें और मवेशी तबाह हो गए हैं. खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. आर्थिक संकट और महंगाई झेल रहा पाकिस्तान अब क्लाइमेट चेंज और बाढ़ की दोहरी चुनौती से जूझ रहा है.
भारी बारिश से आई फ्लैश फ्लड्स ने पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों को और गहरा कर दिया है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घर और पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तबाह हो चुके हैं.
पाकिस्तान के चारों बड़े प्रांत - खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान - बाढ़ की चपेट में हैं. इनमें सबसे ज्यादा असर पख्तूनख्वा पर पड़ा, हालांकि हाल के दिनों में वहां स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है. अब प्रकृति का प्रकोप पंजाब की ओर मुड़ा है, जिसे पाकिस्तान का सबसे अहम इलाका माना जाता है.
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पंजाब में सेना की यूनिट्स को छह जिलों में राहत और बचाव कार्यों के लिए लगाया गया है. हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.
भारत से पानी छोड़े जाने का असर
पख्तूनख्वा में बाढ़ का मुख्य कारण भारी बारिश रहा, जबकि पंजाब में स्थिति बारिश और भारत की तरफ से छोड़ा गया पानी भी शामिल है. पाकिस्तान के अधिकारियों ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत ने रावी पर बने थीन डैम और सतलुज पर बने भाखड़ा डैम के सभी गेट खोल दिए हैं.

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