
पहले रियासी, फिर नौशेरा, कठुआ और अब डोडा... जम्मू में बढ़ती आतंकी सक्रियता ने फिर दिया घाव, एक महीने में 12 जवान शहीद
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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. यहां पिछले एक महीने के अंदर 7 बड़े हमले या मुठभेड़ हुई हैं. आतंकियों ने कभी सेना के वाहन को निशाना बनाया है तो कभी तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला किया है.
जम्मू-कश्मीर में पिछले एक महीने के अंदर आतंकी घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है. सबसे पहले 9 जून को आतंकियों ने जम्मू के रियासी में तीर्थयात्रियों से भरी बस को निशाना बनाया, जिसमें 9 लोग मारे गए. फिर, आतंकियों ने कठुआ में 8 जुलाई को सेना की गाड़ी को टारगेट किया, जिसमें 5 जवान शहीद हो गए थे.
नौशेरा में 10 जुलाई को आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की, हालांकि वह नाकामयाब रही. लेकिन 16 जुलाई यानी की आज आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के 4 जवान शहीद हो गए और एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गई. पिछले एक महीने के अंदर आतंकी 7 बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं, जिनमें 12 जवान शहीद हुए हैं और 9 आम नागरिकों की मौत हुई है.
रियासी: बस पर हुआ था अटैक
कटरा के रियासी इलाके में तीर्थयात्रियों को माता वैष्णो देवी मंदिर लेकर जा रही 53 सीटर बस पर 9 जून की शाम आतंकियों ने हमला किया था. इसके बाद बस खाई में गिर गई थी, जिसमें एक नाबालिग समेत 9 लोगों की मौत हो गई और 41 अन्य घायल हो गए थे. बस में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के तीर्थयात्री सवार थे. बस पर हमले करने वाले आतंकी पहाड़ी इलाके में छुपे हुए थे.
कठुआ: एक जवान हुआ था शहीद
11 जून को जम्मू कश्मीर के कठुआ के एक गांव में आतंकी घुस आए थे. इसके बाद आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया था. कठुआ जिले के गांव में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों का ऑपरेशन शुरू हुआ था. इस जिले के हीरानगर सेक्टर के सैदा सुखल गांव पर आतंकियों ने हमला किया था. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में सीआरपीएफ का एक जवान भी शहीद हुआ था.

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