
पहले पवार के दांव से कंफ्यूजन, फिर AAP-कांग्रेस की लड़ाई... INDIA गठबंधन में पिछले 48 घंटे में कैसे बदल गया सीन
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विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की तीसरी बैठक 31 अगस्त और एक सितबंर को मुंबई में होनी है. इस बैठक में गठबंधन का संयोजक और सीटों के बंटवारे पर चर्चा होनी है. लेकिन इससे पहले ही महाराष्ट्र और दिल्ली में विपक्षी दलों में घमासान छिड़ गया है.
2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन का मुकाबला करने के लिए 26 विपक्षी दलों ने 18 जुलाई को I.N.D.I.A गठबंधन बनाया था. गठबंधन बनने के करीब 1 महीने बाद ही इसमें खींचतान शुरू हो गई है. महाराष्ट्र में जहां अजित-शरद पवार की सीक्रेट मीटिंग और कथित ऑफर को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. दोनों नेताओं के बीच लगातार हो रहीं मुलाकातों ने कांग्रेस और शिवसेना की टेंशन बढ़ा दी है. तो वहीं, दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में फूट पड़ती नजर आ रही है. दोनों पार्टी के नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया है. कांग्रेस-AAP के बीच जारी बयानबाजी को देखते हुए बीजेपी ने तो जल्द INDIA गठबंधन टूटने की भविष्यवाणी भी कर दी.
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में सियासी घमासान कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा के बयान से शुरू हुआ. दरअसल, कांग्रेस ने बुधवार को दिल्ली कांग्रेस की बैठक बुलाई थी. बैठक में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, दीपक बाबरिया मौजूद रहे. बैठक के बाद अलका लांबा ने बताया कि इस बैठक में दिल्ली में संगठन को मजबूत करने और आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी पर चर्चा हुई. बैठक में करीब 40 नेताओं ने अपनी बात रखी. तीन घंटे चली बैठक में फैसला हुआ है कि पार्टी दिल्ली की सभी संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा, चुनाव में 7 महीने हैं और दिल्ली में 7 लोकसभा सीटें हैं. नेताओं को आज से ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाना है. संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा, हम उसे निभाएंगे. हमें मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाना होगा.
केजरीवाल भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं- संदीप दीक्षित
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, राय मशविरे के लिए वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया है. मेरी राय है कि केजरीवाल सेवाएं इसलिए चाहते थे क्योंकि वह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं. मैं पार्टी से कहूंगा कि हमें एक भ्रष्ट आदमी के भ्रष्ट तरीकों को बचाने के लिए उसके साथ नहीं खड़ा होना चाहिए. अगर उनकी मंशा लोगों के अधिकारों से होती तो वह कश्मीर में केंद्र का समर्थन नहीं करते. आज दिल्ली अपनी खराब हालत के लिए जानी जाती है और शायद केजरीवाल पहले मुख्यमंत्री होंगे जो मुख्यमंत्री रहते हुए जेल जाएंगे.
बैठक के बाद कांग्रेस नेता अनिल चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संगठन को मजबूत करके एकजुट होकर लड़ेगी. हमने आम आदमी पार्टी की या गठबंधन की कोई चर्चा नहीं की. हमने पोल खोल यात्रा से लेकर हर एक कोशिश की है कि अरविंद केजरीवाल सरकार की नीतियों को एक्सपोज करें. शराब घोटाले से लेकर तमाम कार्रवाई हम लोगों की शिकायतों पर हुई है. 2024 में हम चुनाव जीतेंगे और 2025 में अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम नहीं होंगे, हमारी यह पूरी कोशिश रहेगी.
उधर, अलका लांबा और कांग्रेस के अन्य नेताओं के बयान पर आम आदमी पार्टी भड़क गई. AAP ने यहां तक कह दिया कि अगर कांग्रेस ने तय कर लिया है कि दिल्ली में गठबंधन नहीं करना हो, INDIA गठबंधन की बैठक में जाने का कोई मतलब नहीं है. AAP प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, मैंने अलका लांबा का बयान सुना, अगर वे (कांग्रेस) दिल्ली में गठबंधन नहीं करते, तो INDIA गठबंधन में जाने का कोई मतलब नहीं है, यह समय की बर्बादी है. हमारी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि INDIA गठबंधन की अगली बैठक में शामिल होना है या नहीं. उन्होंने कहा, यह कांग्रेस ही थी जिसने दिल्ली में गठबंधन बनाने के लिए आप से संपर्क किया था, क्योंकि उनका दिल्ली में कोई अस्तित्व नहीं है.

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