
पहली कक्षा के छात्र को टीचर ने बेरहमी से पीटा, Video देख रोंगटे हो जाएंगे खड़े
AajTak
कड्डलोर में टीचर ने पहली कक्षा के बच्चे को बेरहमी से पीटा है. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जो रोंगटे खड़े करने वाला है. सोशल मीडिया पर वीडियो को देखने वाले लोग टीचर के खिलाफ एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं. वीडियो शिक्षा विभाग के पास भी पहुंचा है. अब देखना है कि विभाग क्या कार्रवाई करता है.
कर्नाटक (Karnataka) के कड्डलोर जिले के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सामने आया है. वीडियो में क्लास रूम में कुर्सी पर बैठी टीचर पहली कक्षा के छोटे से बच्चे को बुरी तरह से पीटती नजर आ रही है. बच्चे का कसूर सिर्फ इतना था कि वह गणित का सवाल नहीं हल कर पा रहा था.
दरअसल, वायरल वीडियो जिले के कुडुवेलिचवाडी सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाली महिला टीचर कन्नगी का है. वह पहली कक्षा के बच्चों की कॉपियां चेक करती दिख रही है. उनके सामने तीन-चार बच्चे खड़े हैं.
देखें वीडियो...
गणित का सवाल हल नहीं करने पर पीटा
वीडियो में शिक्षिका छात्र को गणित का सवाल हल नहीं करने पर पीटना शुरू करती हैं. पहले दो-चार बार छड़ी से पीटती है. बच्चे को शैतान भी बोलती हैं और उससे कहती है कि तुम दूसरों की नकल करके ही पास होते हो.
दर्जनों बार बरसाई बच्चे पर छड़ी

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










