
पंजाब: अजनाला कांड के बाद पुलिस पर सवाल, अमृतपाल बोला- झूठे मुकदमों से पैदा होंगे आतंकी
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पंजाब के अजनाला में हुए बवाल के बाद पंजाब पुलिस पर खालिस्तान समर्थकों के प्रति नरमी बरतने का आरोप लग रहा है. इसी बीच पंजाब के डीजीपी ने कहा है कि पुलिस तथ्यों की पुष्टि कर रही है, आगे की कार्रवाई तथ्यों पर निर्भर करेगी. पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों को बख्शने के मूड में नहीं है.
पंजाब के अजनाला की घटना ने जहां एक ओर खालिस्तानियों द्वारा पैदा खतरे को उजागर किया है. वहीं पंजाब पुलिस को भी सवालों के घेरे में ला दिया है. पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं कि अगर आरोपी लवप्रीत सिंह तूफान निर्दोष था और मौके पर मौजूद नहीं था तो उसे गिरफ्तार क्यों किया गया?
इसके अलावा, अगर अमृतपाल सिंह सहित अन्य के खिलाफ आरोप सही हैं तो उन्हें छोड़ा क्यों गया. क्या पंजाब पुलिस उन कट्टरपंथियों के दबाव में काम कर रही है, जिन्होंने पुलिस पर झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगाया है.
अजनाला मामले में पंजाब पुलिस की जांच पर वकीलों ने भी सवाल उठाए हैं. पुलिस पर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस ने अमृतपाल सिंह द्वारा दिए गए सबूतों का सत्यापन किया है या यह आरोपियों को छोड़ने के लिए सिर्फ एक बहाना था.
वहीं 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने लवप्रीत तूफान के रिहा होने के बाद कहा कि 'एफआईआर फर्जी थी. बयान देकर डीजीपी डराने की कोशिश कर रहे हैं. अगर झूठे मामले फिर से दर्ज किए गए तो विरोध फिर से होगा. उन्होंने पहले गैंगस्टरों को पनाह दी थी. अब वे आतंकवादी बनाना चाहते हैं.'
हथियारों से लैस होकर थाने पर बोला था हमला
बता दें कि पुलिस गुरुवार को हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों को रोकने में विफल रही, जिन्होंने अपहरण और दंगों के आरोपियों में से एक तूफान की रिहाई को लेकर अजनाला पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया था.

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