
पंजाबः कैबिनेट मंत्री फ़ौजा सिंह सरारी ने दिया इस्तीफा, कहा- पार्टी का वफादार सिपाही रहूंगा
AajTak
पंजाब के कैबिनेट मंत्री फ़ौजा सिंह सरारी ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सरारी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है. साथ ही कहा कि मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूं और हमेशा रहूंगा.
पंजाब के कैबिनेट मंत्री फ़ौजा सिंह सरारी ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सरारी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है. साथ ही कहा कि मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूं और हमेशा रहूंगा.
फौजा सिंह पर पहले भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे. दरअसल, फौजा सिंह सरारी का एक ऑडियो टेप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. दावा किया गया था कि वायरल ऑडियो में सरारी अपने एक करीबी से 'जबरन वसूली की प्लानिंग' को लेकर बात कर रहे थे. सरारी स्वतंत्रता सेनानी रक्षा सेवाओं, कल्याण खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी विभाग संभाल रहे थे.
हालांकि फौजा सिंह सरारी ने आरोपों का खंडन करते हुए पुलिस में लीक ऑडियो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. मंत्री ने ऑडियो क्लिप को फर्जी करार देते हुए इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया था.
वहीं, सरारी के इस्तीफे के बाद पंजाब कैबिनेट में बड़े फेरबदल की संभावना है. बताया जा रहा है कि कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं. इसके साथ ही नए चेहरों को मौक़ा मिल सकता है.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.









