
'न ख़ुशी न ग़म, बस...' इसराइल-अमेरिकी हमलों के बीच ईरान के लोगों ने बीबीसी को क्या बताया?
BBC
ईरान में कुछ लोग अब भी सत्ता पर होने वाले हर हमले का जश्न मना रहे हैं. लेकिन कुछ लोगों का डर बढ़ता जा रहा है. अब कुछ लोग इस जंग के मक़सद पर सवाल उठा रहे हैं.
आज से दस दिन पहले जब ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत की ख़बर हामिद ने सुनी, तो वह बेहद ख़ुश हुए. वह जश्न मनाने के लिए अपनी पत्नी और बेटी को तेहरान स्थित अपने घर के बाहर सड़क पर ले गए.
अगले कुछ दिनों तक, जब अमेरिका और इसराइल के बम राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में इमारतों पर गिर रहे थे, तब यह परिवार घर की छत पर जाकर हवाई हमलों को देखता रहा.
हर बार जब सत्ता से जुड़े किसी ठिकाने पर हमला होता, तो वे खुशी ज़ाहिर करते.
हामिद ने ब्रिटेन में रह रहीं उनकी एक कज़न के ज़रिए मुझसे कहा, "ज़रा सोचिए, इस धरती पर कहीं और ऐसा मिलेगा, जहाँ लोग अपने ही देश पर बाहरी हमले से खुश हों."
"अब हमें उम्मीद है कि जल्द ही इस सरकार का पतन होगा. हम खुश हैं."
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हामिद (बदला हुआ नाम) ऐसे अकेले शख़्स नहीं हैं, जो ऐसा सोचते हैं.

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