
न्यायमूर्ति संजय यादव बने इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
AajTak
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से वकालत की शुरुआत करने के बाद वे इसी हाई कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुए थे. इसके बाद प्रशासनिक न्यायाधीश और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी रहे. केंद्र सरकार ने संजय यादव को 14 अप्रैल, 2021 से हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था.
न्यायमूर्ति संजय यादव, अब इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुरुवार को संजय यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी. वे वर्तमान में इलाहाबाद हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाल रहे हैं. इससे पहले केंद्र सरकार ने संजय यादव को 14 अप्रैल, 2021 से हाई कोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था. 08 जनवरी, 2021 को मध्यप्रदेश से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में उनका ट्रांसफर किया गया था. पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर के रिटायर होने के बाद से न्यायमूर्ति संजय यादव एक्टिंग चीफ जस्टिस थे. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से वकालत की शुरुआत करने के बाद वे इसी हाई कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुए थे. इसके बाद प्रशासनिक न्यायाधीश और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी रहे. केंद्र सरकार ने संजय यादव को 14 अप्रैल, 2021 से हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था. 8 जनवरी, 2021 को मध्य प्रदेश से इलाहाबाद हाई कोर्ट में उनका ट्रांसफर किया गया था. पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने अपने न्याय कक्ष में आयोजित समारोह में उन्हें शपथ दिलाई थी.
नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.









