
'नो-हैंडशेक' पर तिलमिलाया PAK खुद करता है इजरायल का बायकॉट, कभी मैदान पर नहीं पहुंचा, कभी टीम बदल दी
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पाकिस्तान और इजरायल के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, यह तनाव खेल क्षेत्र में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. पाकिस्तान इज़रायल को मान्यता नहीं देता है. दोनों देशों के बीच का ये राजनीतिक तनाव खेलों में भी दिखाई देता है और भारत को 'नो हैंडशेक' पर भाषण देने वाला पाकिस्तान इजरायल के साथ कोई गेम नहीं खेलता है.
इमरान खान जब प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने इजरायल के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था, "जब तक फ़िलिस्तीनियों को उनके अधिकार नहीं दिए जाते और कोई न्यायसंगत समझौता नहीं होता,हम इज़रायल को कभी स्वीकार नहीं कर सकते."
इजरायल को लेकर पाकिस्तान की ये धारणा उसकी खेल नीतियों को भी प्रभावित करती है. पाकिस्तान की खुद को मुसलमानों का झंडाबरदार मानने की धारणा ने उसके राजनीतिक फिलॉसफी को भी प्रभावित किया है. यही वजह है कि इजरायल के वजूद को ही स्वीकार न करने वाला पाकिस्तान इजरायल के साथ खेल के रिश्ते भी नहीं रखता है.
आज जब भारत की क्रिकेट टीम ने पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों से सहानुभूति जताते हुए आतंक परस्त पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हैंडशेक से इनकार कर दिया है तो पाकिस्तान तिलमिला उठा है.
टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाया है.
इस समय पाकिस्तान को भारत की ये प्रतिक्रिया भले ही बुरी लग रही हो लेकिन पाकिस्तान इजरायल के साथ वर्षों से ऐसा व्यवहार करता आया है.
आइए हम आपको कुछ मौके बताते हैं जब खुद पाकिस्तान ने इजरायल के साथ खेलने से इनकार कर किया था.

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