
नेपालः सांप्रदायिक राजनीति के चक्रव्यूह में फंस सकता है मधेश-तराई इलाका -कैसे हैं ज़मीनी हालात?
BBC
नेपाल में ताज़ा सुरक्षा आंकड़ों से पता चलता है कि देश के तराई इलाके के कई ज़िलों में सांप्रदायिक घटनाएं बढ़ी हैं. साथ ही धार्मिक मुद्दों पर सक्रिय संगठनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
गाँव–गाँव में केसरिया झंडे लगे हैं, कई झंडों पर हनुमान की तस्वीर भी दिखती है. हिंदू बहुल ग्रामीण बस्ती के ठीक बीचोंबीच एक मस्जिद है और उससे करीब 100 मीटर दूर है राम-जानकी का मंदिर.
धनुषा के सखुवा-मडान में पिछले पांच दशक से रह रहीं सबीला खातून बताती हैं कि उनके गाँव में छठ और ईद दोनों में उत्सव जैसा माहौल हुआ करता था. लेकिन हाल की घटनाओं को याद करके उन्हें अब ठीक से नींद भी नहीं आती.
दो मुस्लिम किशोरों ने टिक-टॉक पर हिंदुओं के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक शब्दों वाला एक पोस्ट डाल दिया. उसी से सांप्रदायिक तनाव शुरू हुआ और उसके बीच पिछले महीने उनके घर के सामने वाली मस्जिद में आग लगा दी गई और तोड़फोड़ भी की गई.
इस घटना में कुरानशरीफ़ समेत कई अहम धार्मिक किताबें जल गईं, जिसके बाद तराई के कई ज़िलों में विरोध-प्रदर्शन हुए.
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जनवरी 3 को दोपहर में 75 साल की समीला अपने घर में खाना खाकर बैठी थीं. बाहर अचानक शोर–गुल बढ़ा और बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई.

भारत में, एलपीजी गैस की कीमतों में इज़ाफ़ा होता दिख रहा है. इसकी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता का दौर जारी है. एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता पर दबाव बढ़ता दिख रहा है और देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं. यहां लोगों को कैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है? बीबीसी के रिपोर्टर्स ने देश के अलग-अलग हिस्सों में यही जानने की कोशिश की.












