
नीतीश या तेजस्वी... 14 नवंबर को कौन जीतेगा? 2 चरणों में चुनाव तो किसका लगेगा दांव
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बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग होगी और 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे. चुनाव आयोग ने इस बार बिहार से 17 नए इनीशिएटिव शुरू किए हैं, जिनमें वोटर हेल्पलाइन और SIR शामिल हैं. ये इनीशिएटिव आगे चलकर पूरे देश में लागू किए जाएंगे.
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ आज से बिहार की वोटिंग और नतीजों का काउंटडाउन शुरू हो गया है. बिहार में दो चरणों में, 6 नवंबर और 11 नवंबर को वोटिंग के बाद 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे. 14 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन है और उसी दिन बिहार की सियासत में चाचा यानी नीतीश कुमार और भतीजा यानी तेजस्वी यादव के बीच की सियासी लड़ाई का परिणाम आएगा.
अबकी बार चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दावा किया कि बिहार से 17 नए इनीशिएटिव शुरू हो रहे हैं, जो आगे पूरे देश में लागू होंगे. इसमें SIR, और 1950 वोटर हेल्पलाइन शामिल है. चुनाव आयोग ने शुद्ध मतदाता सूची की भी बात की और कहा कि बिहार का चुनाव 'mother of all elections' है.
कैसी है NDA और महागठबंधन की तैयारी?
चुनाव आयोग अबकी बार सबसे अच्छा चुनाव कराने की तैयारी का दावा कर रहा है. तो इधर NDA और महागठबंधन की तैयारी कैसी है, ये लाख टके का सवाल है. अभी दोनों खेमों ने सीट बंटवारे का ऐलान नहीं किया है. वोटिंग के पहले चरण में नामांकन की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर है, यानी सिर्फ 11 दिन बचे हैं. वोटिंग के दूसरे चरण में नामांकन की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर है, यानी सिर्फ 14 दिन बचे हैं.
'मदर ऑफ ऑल इलेक्शन'
चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 'बिहार का चुनाव मदर ऑफ ऑल इलेक्शन है'. इसी से तय हो गया कि अबकी बार का बिहार चुनाव सिर्फ राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के लिए भी अग्निपथ है. चुनाव आयोग के वोटर परीक्षण पर मचे हंगामे के बाद घोषित हो रहे चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होंगे जबकि 14 नवंबर को बिहार के चुनाव का नतीजा आएगा.

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