
नाबालिगों के कपड़े उतारकर पीटने वाले आरोपी को बॉम्बे HC ने दी बेल, कहा नहीं था यौन इरादा
AajTak
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पॉस्को केस में बंद आरोपी को जमानत दी है. कोर्ट ने यह कहकर जमानत दी कि उसका यौन इरादा नहीं थी. आरोपी कपिल टाक के खिलाफ पुणे में 377 यानी अप्राकृतकि अपराध समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था. नाबालिग पीड़ितों में से एक की मां ने अप्रैल 2021 में केस दर्ज कराया था.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे के 33 साल के शख्स को जमानत दी है, जिस पर अपने साथियों के साथ मिलकर तीन नाबालिग लड़कों का यौन उत्पीड़न कर उनका वीडियो बनाने का भी आरोप लगा था. उच्च न्यायालय ने कहा कि कोई यौन इरादा नहीं था, केवल पीड़ितों को शारीरिक और मानसिक यातना दी गई थी क्योंकि आरोपियों को लगा कि लड़के चोर हैं. आरोपियों के खिलाफ 377 यानी अप्राकृतिक अपराध समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था.
न्यायमूर्ति अनिल किलोर की पीठ एक कपिल टाक की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे 2021 में भारतीय दंड संहिता के अप्राकृतिक अपराध, हमले और आपराधिक धमकी के आरोप और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) के तहत यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इनके खिलाफ पुणे के पिंपरी थाने में केस दर्ज किया गया था.
यौन उत्पीड़न के आरोपी को मिली जमानत
आरोपी कपिल टाक पर अन्य लोगों के साथ तीन किशोर लड़कों को निर्वस्त्र कर उन्हें चमड़े की बेल्ट पीटने के अलावा उनकी गुदा में उंगलियां डालने और उनके निजी अंगों पर झंडू बाम लगाने का आरोप था. कपिल टाक की वकील सना रईस खान ने तर्क दिया कि POCSO के प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होंगे क्योंकि कोई यौन इरादा नहीं था. उन्होंने आगे तर्क दिया कि टाक 2021 से जेल में बंद है और मामले में आरोप पत्र पहले ही दायर किया जा चुका है.
आरोपियों के खिलाफ 2021 में दर्ज हुआ था केस
नाबालिग पीड़ितों में से एक की मां ने अप्रैल 2021 में केस दर्ज कराया था. पीड़ित की मां ने कुछ लोगों को वीडियो देखते हुए देखा था. जहां कुछ नाबालिग लड़कों के साथ मारपीट जा रहा है और उनके प्राइवेट पार्ट के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था. पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मौके का एक सीसीटीवी बरामद किया था. जिसके बाद आरोपियों को पॉस्को एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

युवराज की मौत, 3000 करोड़ बकाया और बिल्डर–प्राधिकरण की लापरवाही... नोएडा हादसे के पीछे की पूरी कहानी
नोएडा सेक्टर-150 में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जिसके मुताबिक, FIR में नामजद बिल्डर पर 3000 करोड़ का बकाया है. लगातार शिकायतों के बावजूद नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही भी सामने आई है. अब इस मामले की जांच में CBI-ED की एंट्री भी हो गई है.

13 जनवरी को अमेरिका ने ईरान पर हमले की पूरी तैयारी कर ली थी. ट्रंप ने कई विकल्पों पर विचार कर हमले की तैयारी के आदेश दे दिए थे. लेकिन ट्रंप का अंतिम आदेश आता उससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के पास दो अहम कॉल आए. एक इजरायल के पीएम का और दूसरा सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान का. इसके बाद ट्रंप को पीछे हटना पड़ा.

गुजरात में सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद जनता का मिजाज क्या है, इसे लेकर WeePreside और CIF के राज्यव्यापी सर्वे के शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं. 40 हजार से ज्यादा लोगों से बातचीत पर आधारित इस सर्वे में बीजेपी की बढ़त बरकरार दिखती है जबकि AAP दूसरे नंबर पर उभरती नजर आती है और कांग्रेस पीछे चल रही है.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने वाला है. कार्यकारिणी अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज इस पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. इस घोषणा के बाद दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तेज़ हलचल देखने को मिली है. नितिन नबीन की बहन ने आजतक से बातचीत में क्या बताया? देखें वीडियो.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए नॉर्वे के प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है. पत्र का कुछ हिस्सा लीक हो गया है जिससे पता चला है कि ट्रंप शांति पुरस्कार न मिलने से झुंझलाए हुए हैं. वो कह रहे हैं कि दुनिया की शांति उनकी जिम्मेदारी नहीं है और वो ग्रीनलैंड को किसी भी तरह से अपने कब्जे में करेंगे.

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने लंबित मामलों और सुनवाई केंद्रों की कमी पर चिंता जताई. कोर्ट ने 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाने पर कड़ी टिप्पणी की और सूची सार्वजनिक करने का निर्देश दिया. टीएमसी सांसद ने राजनीतिक दलों के BLAs को सुनवाई से दूर रखने का आरोप लगाया. चुनाव आयोग ने सफाई दी कि नाम हटाने का फैसला नहीं हुआ है. सुनवाई जारी है.

ग्रेटर नोएडा हादसे के चश्मदीद मनिंदर ने दावा किया कि युवराज को बचाने की कोशिश के बाद उन्हें पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया. मनिंदर का कहना है कि उन्होंने जो देखा, जो किया वही फिर से पुलिस वालों को बताया. वह कहते हैं कि इसके बाद भी उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है. उनका आरोप है कि बड़े बिल्डर खुद को बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं.






