
नागपुर: ऑनलाइन पासपोर्ट बनवा रहा था शख्स, वेरिफिकेशन फीस लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़ गए एक लाख
AajTak
नागपुर में ऑनलाइन पासपोर्ट बनवा रहा शख्स एक लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गया. युवक के पास अनजान नंबर से कॉल आया था, जिसने कहा कि आपके आवेदन में तेजी लाने के लिए लिए पांच रुपये का शुल्क लगेगा, जिसकी लिंक मैंने आपको भेज दी है. उस पर क्लिक कर शुल्क भुगतान कर दीजिए. जैसे ही युवक ने लिंक पर क्लिक किया तो तीन ट्रांजैक्शन में अकाउंट से एक लाख रुपये उड़ गए.
भारत में ऑनलाइन ठगी के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं. जालसाज फ्रॉड के अलग-अलग तरीके निकालते रहते हैं. नागपुर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पासपोर्ट आवेदन को जल्द तैयार करने के लिए 28 साल के युवक से जालसाजी कर एक लाख रुपये ठग लिए.
दरअसल 28 वर्षीय हरीश धोंडाबाजी जोडे ने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था, जिसके बाद उन्हें एक अनजान शख्स का कॉल आया. उसने जोडे से कहा कि पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पांच रुपये का भुगतान करें. जब हरीश ने आरोपी द्वारा बताई गई लिंक को डाउनलोड किया और पांच रुपये के भुगतान करने वाली उस लिंक पर क्लिक किया तो तीन ट्रांसफर में उसके बैंक खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए. पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में साइबर क्राइम का मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है.
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ध्रुव शर्मा ने कहा कि जब भी आपको कोई मेल, टेक्स्ट, नोटिफिकेशन या कोई लिंक मिलता है तो उसे तुरंत मत खोलें, यह फ़िशिंग, हैकिंग, साइबर धोखाधड़ी या पहचान की चोरी करने का प्रयास भी हो सकता है, वेबसाइट और विक्रेता की जानकारी की प्रामाणिकता की जांच करने के बाद कुछ करें.
कहां और कैसे करें शिकायत?
एक्सपर्ट ने कहा कि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों को पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां दोनों देखती हैं, अगर आप किसी भी तरह के ऑनलाइन घोटाले का शिकार होते हैं तो www.cybercrime.gov.in लिंक पर जाकर अपनी शिकायत रजिस्टर करा सकते हैं. पुलिस स्टेशन में जाकर आप साइबर सेल में भी अपने खिलाफ हुई धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दे सकते हैं. साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 155260 पर की जा सकती है. बैंक अकाउंट से जुड़े फ्रॉड के मामले भी यहीं दर्ज कराए जा सकते हैं.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.







