
नया नहीं कॉमेडी में अश्लीलता का तड़का, क्यों वर्जित बातों पर हंसते-हंसाते हैं लोग, क्या है इसका मनोविज्ञान?
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समय रैना का कॉमेडी शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया के अश्लील कमेंट की वजह से विवादों में आ गया. महाराष्ट्र महिला आयोग ने इनपर अभद्र भाषा को लेकर शिकायत दर्ज कराई है. जांच के बीच माफीनामा भी जारी हो चुका. लेकिन अश्लील कॉमेडी कोई नई चीज नहीं. यहां तक कि लोगों को ये मनोरंजक भी लगती है. साइकोलॉजी में इसे खास जगह मिली हुई है.
मनोविज्ञान की एक टर्म है रिलीज या रिलीफ थ्योरी. इसमें लोग वो बातें करते हैं, जिसे करना या सुनना आमतौर पर वर्जित है. जाहिर है, टैबू सबजेक्ट पर बात यूं ही तो नहीं होगी. लिहाजा इसे कॉमेडी की परत में लपेटकर परोसा और सुना जाता है. खासकर स्टैंड-अप या मॉडर्न कॉमेडी में. अब कुछ ऐसी ही अश्लील कमेंट के चलते यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया घिरे हुए हैं. उनपर एफआईआर भी हो चुकी.
कॉमेडियन समय रैना का शो इंडियाज गॉट लेटेंट बुरी तरह से घिरा हुआ है. दरअसल शो में रणवीर इलाहाबादिया ने एक कंटेस्टेंट से बात करते हुए पेरेंट्स के लिए अश्लील भाषा का उपयोग किया. मामला दर्ज होने के साथ ही इंक्वायरी शुरू हो चुकी. ये मामला तो वाकई अश्लीलता की सारी सीमाएं लांघता है लेकिन कॉमेडी में अश्लील कंटेट का घालमेल काफी मनोविज्ञान में भी स्वीकार्य है. इसके लिए कई सारी टर्म्स हैं, जो मानती हैं कि रेस्ट्रिक्टेड बातों पर मजाक के बहाने चर्चा होनी चाहिए. इसे टैबू ह्यूमर भी कहते हैं.
20वीं सदी की शुरुआत में हुई थी बात
रिलीज थ्योरी की बात सबसे पहले मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड ने साल 1905 में की थी. अपनी किताब जोक्स एंड देयर रिलेशन टू द अनकॉन्शियस में फ्रायड ने लिखा था कि हंसने से ब्रेन में जमा साइकिक एनर्जी बाहर निकलती है. अक्सर हमारे दिमाग में कई ऐसी चीजें जमा रहती हैं, जिनपर चर्चा को सामाजिक तौर पर गलत माना जाता है. लेकिन कॉमेडी के बहाने हम उसपर मजाक करते और सुनते हैं, जिससे दोनों ही पक्षों का तनाव कम हो जाता है, और दिमाग काफी हल्का-फुल्का महसूस करता है.
ये वर्जित विषय, यौन संबंध या भावनाओं से लेकर समाज की गैर-बराबरी तक कुछ भी हो सकते हैं. नैतिक पाबंदियों के चलते हम इनपर बात नहीं कर पाते, बल्कि सोच पर ढक्कन लगाकर रखते हैं. वहीं कॉमेडी से ये कैप हट जाता है. चूंकि ये सीधे अचेतन मन को आराम देते हैं, यही वजह है कि सेक्सुअल या डार्क ह्यूमर को बेहद असरदार पाया जाता रहा.

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