
नमाज पढ़ने को लेकर गुजरात यूनिवर्सिटी में बवाल, विदेशी छात्रों के साथ मारपीट और तोड़फोड़
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गुजरात यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में शनिवार की रात विदेशी छात्रों पर हुए हमले और मारपीट की जांच के लिए अहमदाबाद के पुलिस कमिश्रर जी.एस. मलिक कैंपस में पहुंचे. छात्रों से बातचीत के बाद कमिश्नर ने बताया कि ये पूरा विवाद कैंपस में नमाज पढ़ने को लेकर शुरू हुआ था. कुछ लोगों ने विदेशी छात्रों के नमाज पढ़ने का विरोध किया था जिसके बाद दो गुटों में संघर्ष हुआ था.
गुजरात यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों से मारपीट के मामले में राज्य सरकार ने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई का आदेश दिए हैं. अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक ने गुजरात यूनिवर्सिटी के हॉस्टल पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी ली. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि गुजरात यूनिवर्सिटी में 300 विदेशी छात्र पढ़ाई करते हैं.
पुलिस कमिश्नर ने विवाद के कारणों का खुलासा करते हुए कहा कि कैंपस में ये झगड़ा नमाज पढ़ने को लेकर शुरू हुआ था. उन्होंने कहा, 'हॉस्टल के A ब्लॉक में 75 विदेशी विद्यार्थी रहते हैं. रात को 10.30 बजे हॉस्टल कैंपस में नमाज पढ़ रहे थे तभी 25 लोग बाहर से आए और उन्हें बाहर नमाज पढ़ने से रोकने लगे. इसी बात को लेकर झगड़ा और तोड़फोड़ शुरू हो गई.' जानकारी के मुताबिक रमजान में रात के समय A ब्लॉक में तरावीह के दौरान सामने B ब्लॉक से तीन छात्रों ने आकर इसका विरोध किया था लेकिन उसके बाद वहां भीड़ पहुंच गई और हमला शुरू कर दिया.
जांच के लिए बनाई गई 9 टीमें
पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक ने कहा, 'कैंपस में झगड़ा शुरू होने के बाद रात 10 बजकर 51 मिनट पर पुलिस को फोन किया गया और 10 बजकर 56 मिनट पर पुलिस की टीम पहुंची. राज्य के गृह मंत्री के आदेश पर घटना की जांच के लिये 9 टीमें बनाई गई हैं. 4 क्राइम ब्रांच और 5 DCP की टीम तैयार की गई है.
अधिकारी ने कहा कि विदेशी छात्रों पर हमले को लेकर एक आरोपी की पहचान की गई है और अन्य तक भी पुलिस जल्द पहुंच जाएगी. उन्होंने कहा, स्थिति नियंत्रण में है, और डरने की कोई जरूरत नहीं है. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस घटना के बाद तजाकिस्तान और श्रीलंका का एक-एक छात्र अस्पताल में है.
इस घटना को लेकर कई वीडियो सामने आया है जिसमें एक युवक को थप्पड़ भी मारा गया है, पुलिस अभी उसकी जांच कर रही है. राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. गुजरात यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में इस घटना को लेकर एफआईआर भी दर्ज की गई है जिसमें 25 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

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