
'धुरंधर-2' में बड़े साहब बनने में लगे 8 घंटे, दाऊद इब्राहिम के किरदार में एक्टर को हुई घुटन, बोला- भागना चाहता था
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धुरंधर 2 में बड़े साहब यानी दाऊद इब्राहिम का किरदार दानिश इकबाल ने निभाया है. उन्होंने अपने किरदार और फिल्म को लेकर कई खुलासे किए हैं. एक्टर ने ये भी बताया कि ये किरदार निभाना उनके लिए आसान नहीं था.
आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म धुरंधर-2 की दहाड़ जारी है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा रही है. हर किरदार को वाहवाही मिल रही है. फिल्म में बड़े साहब यानी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का किरदार दानिश इकबाल ने निभाया है.
धुरंधर में कैसे मिला रोल?
बड़े साहब के रोल में दानिश इकबाल को काफी पसंद किया जा रहा है. देखते ही देखते उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ रही है. अब Zoom संग बातचीत में दानिश इकबाल ने धुरंधर 2 में बड़े साबह का अहम रोल प्ले करने पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने इसका क्रेडिट कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा को दिया.
दानिश इकबाल बोले- मुकेश छाबड़ा एक बेहतरीन कास्टिंग डायरेक्टर हैं. उन्होंने पूरी फिल्म की शानदार कास्टिंग की है. उनकी चॉइस काफी अद्भुत है. ये मेरी अच्छी किस्मत थी कि मुकेश सर ने इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए मुझे चुना. आपको यकीन नहीं होगा कि फिल्म के लिए मुझे ऑडिशन भी नहीं करना पड़ा. उन्होंने मेरा पहले का काम देखा और उस आधार पर मुझे फिल्म में कास्ट किया. फिर हमने तैयारी शुरू की और उन्होंने मुझे सीन्स भेज दिए.
दानिश ने आगे बताया कि उन्हें पूरी स्क्रिप्ट नहीं दी गई थी. उन्हें सिर्फ उनके सीन्स के बारे में बताया गया था. दानिश बोले- स्क्रिप्ट को एक सीक्रेट डॉक्यूमेंट की तरह रखा गया था. मैंने पूरी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी थी. मुझे नहीं पता था कि मेरे हिस्से से पहले और बाद में क्या होने वाला है. न तो मुझे इसके बारे में बताया गया था और न ही मैंने जानने की कोशिश की.
दानिश ने बताया कि मेकर्स ने पहले उनसे कहा था कि स्क्रिप्ट तैयार होते ही वो उन्हें भेज देंगे, लेकिन स्क्रिप्ट उन तक कभी नहीं पहुंची. दानिश बोले- अब मुझे समझ आया कि वो स्क्रिप्ट कभी भी शेयर नहीं करना चाहते थे, क्योंकि स्क्रिप्ट 2024 की शुरुआत में ही तैयार हो गई थी. अब जब फिल्म रिलीज हो चुकी है, तो मैं समझ सकता हूं कि उनके लिए फिल्म की स्क्रिप्ट को प्रोटेक्ट करना कितना जरूरी था.

स्पाई-एक्शन फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही है, जिसमें बिमल ओबेरॉय ने शिरानी अहमद बलोच का किरदार निभाकर अपनी छाप छोड़ी है. ये किरदार पाकिस्तान की राजनीति और कट्टरपंथी सोच से जुड़ा है. फिल्म में शिरानी बलोच का रोल आतंकवादी नेटवर्क और कट्टर संगठनों की मानसिकता को दर्शाता है, जो कहानी में सस्पेंस और तनाव बढ़ाता है.












