
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या... 5 आरोपी गिरफ्तार, एक नेपाल भागा, CM पुष्कर सिंह धामी सख्त
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देहरादून में त्रिपुरा के 24 साल के MBA स्टूडेंट एंजेल चकमा पर चाकुओं से हमला किया गया. 17 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अस्पताल में उसकी सांसें थम गईं. अब इस हत्या ने पूरे नॉर्थ ईस्ट में गुस्से की लहर पैदा कर दी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है.
देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या ने न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे नॉर्थ ईस्ट में आक्रोश पैदा कर दिया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ने के लिए नेपाल टीम भेजी है. इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 118, 351(3), 109, 103(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है.
त्रिपुरा के उनाकोटी के रहने वाले 24 साल के एंजेल चकमा देहरादून में एक यूनिवर्सिटी से MBA के फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा था. 9 दिसंबर की रात सेलाकुई मार्केट में एंजेल और उसके छोटे भाई माइकल चकमा की बहस मणिपुर के सूरज खवास और उसके दोस्तों से हो गई. यह बहस कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई. हमलावरों ने एंजेल पर चाकुओं ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
गंभीर रूप से घायल एंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 118 और 351(3) के तहत केस दर्ज किया था. लेकिन एंजेल की मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धारा 109 जोड़ी गई. एंजेल की मौत के बाद केस में धारा 103(1) और 3(5) भी जोड़ दी गई.
पीड़ित के पिता तरुण चकमा, जो बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में मणिपुर में तैनात हैं, ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को नस्लीय गालियां दी गईं. उन्होंने बताया कि हमलावरों ने एंजेल को 'चाइनीज़', 'चाइनीज़ मोमो' कहकर अपमानित किया. उन्होंन यह भी बताया कि एंजेल ने कहा कि वह भारतीय है, लेकिन इसके बावजूद उस पर जानलेवा हमला किया गया. हालांकि, पुलिस ने नस्लीय आरोपों से इनकार किया है.
देहरादून के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अजय सिंह का कहना है कि इस मामले में शामिल एक आरोपी खुद मणिपुर का रहने वाला है. इस मामले में कुल छह आरोपी शामिल थे. इनमें से दो नाबालिगों समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है. एकमात्र फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी नेपाल के कंचनपुर जिले का रहने वाला है. उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
एक पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए नेपाल भेजी गई है. गिरफ्तार आरोपियों में सूरज खवास के अलावा अविनाश नेगी और सुमित शामिल हैं. इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों बख्शा नहीं जाएगा.

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