
'भारतीय हमले में तबाह हुआ हमारा एयरबेस, कई जवान हुए थे घायल', ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान का कुबूलनामा
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पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने स्वीकार किया है कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान एयरबेस पर भारत के हमले में इस सैन्य ठिकाने को नुकसान पहुंचा था और कई जवान जख्मी हुए थे. भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाया था.
पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि इस साल मई में भारत के हमले में उसके सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा था. अप्रैल 2025 में पाकिस्तान समथित आतंकियों ने पहलगाम के बैसरन घाटी में 26 नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था.
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक प्रेस ब्रीफिंग में पुष्टि की कि भारत ने रावलपिंडी के चकलाला स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया था, जिसमें एयरबेस को नुकसान पहुंचा था और वहां तैनात पाकिस्तानी वायुसेना के कई जवान घायल हुए थे. डार ने कहा कि भारत ने 36 घंटे के भीतर पाकिस्तान की सीमा में कई ड्रोन भेजे. उन्होंने दावा किया कि भारत द्वारा भेजे गए 80 ड्रोन में से 79 को पाकिस्तान ने मार गिराया, जबकि एक ड्रोन नूर खान एयरबेस पर गिरा, जिससे सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान हुआ और कुछ कर्मियों को चोटें आईं.
भारत ने नूर खान एयरबेस पर किया था हमला: डार
इशाक डार ने बताया कि 9 मई की रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में सरकार और सैन्य नेतृत्व की बैठक हुई, जिसमें हालात को देखते हुए कुछ फैसलों को मंजूरी दी गई. उन्होंने दावा किया कि 10 मई की सुबह भारत ने नूर खान एयरबेस पर हमला कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कदम उठाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल ने इस संघर्ष को समाप्त कराने की पहल की थी. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम कभी युद्ध नहीं चाहते थे.'
नूर खान पाकिस्तान वायुसेना का प्रमुख एयरबेस है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के जिन 11 सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, उनमें नूर खान एयरबेस भी शामिल था. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के सरगोधा, रफीकी, जैकोबाबाद और मुरीदके एयरबेस को भी निशाना बनाया था. डार के इस बयान से पाकिस्तान ने सार्वजनिक रूप से भारत की उन रणनीतिक सैन्य कार्रवाइयों को स्वीकार कर लिया है, जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मई में उसके सैन्य ठिकानों पर की गईं.

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