
फ्लोरिडा में शांति वार्ता... जेलेंस्की संग मीटिंग से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को लगाया फोन
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की संग फ्लोरिडा में होने वाली बैठक से पहले रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से टेलीफोन पर बातचीत की. यह कदम चार वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने की ट्रंप की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की. दुनिया के दो सबसे बड़े नेताओं के बीच यह वार्ता ऐसे समय हुई है, जब ट्रंप को आज ही फ्लोरिडा में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करनी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर लिखा, 'आज यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से होने वाली बैठक से पहले रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मेरी एक अच्छी और बहुत उत्पादक टेलीफोनिक वार्ता हुई.' हालांकि, उन्होंने इस बातचीत के विवरण सार्वजनिक नहीं किए.
उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति के साथ उनकी यह बैठक फ्लोरिडा स्थित उनके निजी आवास मार-ए-लागो के मुख्य डाइनिंग रूम में होगी. ट्रंप ने कहा कि इस बैठक में मीडिया को भी आमंत्रित किया गया है. ट्रंप और जेलेंस्की की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब रूस और यूक्रेन युद्ध चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है. ट्रंप ने सितंबर 2024 में दावा किया था कि वह सत्ता संभालते ही इस युद्ध को जल्दी समाप्त करवा देंगे. उन्हें दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बने एक वर्ष बीतने जा रहे हैं, लेकिन यूक्रेन और रूस के बीच जंग समाप्त होने की बजाय और तेज होती जा रही है. ट्रंप की टीम का कहना है कि वह दोनों पक्षों से सीधी बातचीत करके शांति समझौता करवाना चाहते हैं. हालांकि जमीन और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच बड़े मतभेद बने हुए हैं.
इस बीच रूस ने शनिवार को यूक्रेन पर एक बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें कीव और अन्य क्षेत्रों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे गए. रूसी हमलों के कारण यूक्रेन की राजधानी कीव के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ नोवा स्कोटिया में बैठक के दौरान जेलेंस्की ने कहा कि ये हमले अमेरिका के नेतृत्व वाले शांति प्रयासों के जवाब में किए गए हैं. उनके अनुसार, रूस सैन्य दबाव के जरिए शांति वार्ता के दौरान अपनी बारगेनिंग कैपेसिटी मजबूत करना चाहता है.

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