
'देखिए 2 घंटे में मंजूर भी हो गया मेरा इस्तीफा, हमारी पार्टी कितनी तेजी से काम करती है', लवली का तंज
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अरविंदर सिंह लवली ने कहा, जिन कार्यकर्ताओं को पांच महीने पहले हाथ जोड़-जोड़कर बाहर निकाला था, वो आज जब मुझसे सवाल करते हैं तो मेरे पास उनके लिए जवाब नहीं होता है. मैंने किसी पार्टी नेता पर आक्षेप नहीं किया है. ना ही मैंने अपनी पार्टी की किसी नीति के खिलाफ बयान दिया है. मैंने तो सिर्फ यही कहा है कि इस सिस्टम में काम नहीं कर पा रहा हूं. आप किसी दूसरे को अध्यक्ष बना दीजिए.
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया है. उन्होंने प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और उम्मीदवार उदित राज, कन्हैया कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. लवली से आजतक ने बातचीत की है. उन्होंने कहा, मैंने अचानक चार पेज की चिट्ठी नहीं लिखी है. एक-दो दिन से मन विचलित चल रहा था. मुझे तकलीफ इस बात की है कि मैंने पद से इस्तीफा दिया है, लेकिन व्यवहार ऐसे किया जा रहा है जैसे मैंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया हो. पद पर रहूंगा या नहीं रहूंगा- जब मुझे लगा कि मैं अपने पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहा हूं और कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं दिलवा पा रहा हूं तो जिम्मेदारी छोड़ दी.
चुनाव में फैसलों को लेकर लवली ने कहा, हमारी पार्टी तेजी से काम कर रही है. उन्होंने कहा, मैंने एक खत पार्टी अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खड़गे) को लिखा था. वो पत्र मैंने किसी को नहीं दिया था. यह भी देखने की स्थिति है कि वो खत सामने कहां से आया? खत लीक हो जाता है और दो घंटे में आप फैसला भी ले लेते हैं. कहीं ना कहीं आपको सोचना पड़ेगा कि आखिर चल क्या रहा है? एक तरफ मुझे कहा जा रहा है कि उन्होंने चुनाव से पहले आनन-फानन में इस्तीफा दे दिया. मैं चिट्ठी बाद में देता हूं, लीक पहले हो जाती है और दो घंटे में इस्तीफा भी मंजूर होता है.
'मैं सिस्टम में काम नहीं कर पा रहा था'
अरविंदर सिंह लवली ने कहा, जिन कार्यकर्ताओं को पांच महीने पहले हाथ जोड़-जोड़कर बाहर निकाला था, वो आज जब मुझसे सवाल करते हैं तो मेरे पास उनके लिए जवाब नहीं होता है. मैंने किसी पार्टी नेता पर आक्षेप नहीं किया है. ना ही मैंने अपनी पार्टी की किसी नीति के खिलाफ बयान दिया है. मैंने तो सिर्फ यही कहा है कि इस सिस्टम में काम नहीं कर पा रहा हूं. आप किसी दूसरे को अध्यक्ष बना दीजिए. मैं अपने अध्यक्ष से ऊपर क्या बन सकता था? मैंने अपनी उम्मीदवारी को लेकर पहले ही स्पष्ट कर दिया था. मैं चुपचाप बैठकर अध्यक्ष के रूप में काम कर सकता था.
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'मैंने कार्यकर्ताओं के लिए पद छोड़ा'

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