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दुश्मन के लिए काल बनेगी IAF! 42 नहीं, अब 50-60 स्क्वाड्रन बनाने की तैयारी; रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला
Zee News
Indian Air Force squadrons: भारतीय रक्षा मंत्रालय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने के लिए एक नए प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है. अभी तक वायुसेना के लिए 42 स्क्वाड्रन की संख्या तय थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50 या उससे भी ज्यादा करने की योजना है. मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर से मिले कड़े सबकों के बाद यह फैसला लिया जा रहा है ताकि लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में भारत का पलड़ा भारी रहे.
Indian Air Force squadrons: दशकों से भारतीय वायुसेना का लक्ष्य चीन और पाकिस्तान के साथ 'टू-फ्रंट वॉर' यानी दो तरफा युद्ध के लिए 42 स्क्वाड्रन बनाए रखना रहा है. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. चीन अपनी वायुसेना को तेजी से आधुनिक बना रहा है और पाकिस्तान को नए चीनी जेट मिल रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह देखा गया कि युद्ध की शुरुआत में बढ़त बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक हमला जारी रखने के लिए ज्यादा विमानों की जरूरत होती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब हमें हाइब्रिड खतरों और तीसरे मोर्चे की चुनौतियों को देखते हुए 50 से 60 स्क्वाड्रन की जरूरत पड़ सकती है. इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा भारत के अपने स्वदेशी विमानों, जैसे Tejas MkII और पांचवीं पीढ़ी के AMCA को होगा. अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो भारत को लगभग 160 अतिरिक्त लड़ाकू विमान बनाने होंगे, जिससे देश के रक्षा उद्योग को हजारों करोड़ के नए ऑर्डर मिलेंगे.
