
दुश्मन इजरायल से दोस्ती के बदले अमेरिका के सामने सऊदी अरब ने रखी ऐसी शर्त! चौंकी दुनिया
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सऊदी अरब ने अमेरिका से मांग की है कि वो इजरायल से अपने रिश्ते तभी सामान्य करेगा जब बाइडेन प्रशासन उसके परमाणु कार्यक्रम को हरी झंडी देगी. सऊदी अरब की मांग है कि अमेरिका उसे गारंटी दे कि अमेरिका की आगामी सरकारें भी अमेरिका के साथ हथियारों की उसकी डील से पीछे नहीं हटेंगी.
सऊदी अरब अपने दुश्मन मुल्क इजरायल से रिश्ते सामान्य करने के बदले में अमेरिका से मांग कर रहा है कि वो उसके असैन्य परमाणु कार्यक्रम को हरी झंडी दे. गुरुवार को मध्य-पूर्व के एक वरिष्ठ राजनयिक ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि बाइडेन प्रशासन के साथ बातचीत में इजरायल से रिश्ते सामान्य करने के लिए सऊदी जो शर्ते रख रहा है, उनमें परमाणु कार्यक्रम शुरू करने की मांग भी शामिल है. अगर अमेरिका सऊदी की इस बात पर सहमत हो जाता है तो मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजनयिक ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा कि सऊदी अरब पिछले एक साल से बाइडेन प्रशासन के साथ बातचीत में इस मांग को उठा रहा है.
वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि अमेरिका एक मध्यस्थ के रूप में चाहता है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य करने को लेकर समझौता हो जाए लेकिन सऊदी अरब समझौते को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है. अमेरिकी संसद सऊदी अरब की रक्षा मांगों का विरोध करती रही है जिसे देखते हुए सऊदी इजरायल के साथ समझौते से पीछे हटता रहा है.
राजनयिक ने कहा कि दिसंबर के अंत में बेंजामिन नेतन्याहू की धुर-दक्षिणपंथी सरकार के सत्ता में आने के बाद से इजरायल-फिलिस्तीन के बीच संघर्ष तेज हुआ है. उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन पर इजरायल के बढ़ते हमलों ने मुस्लिम दुनिया और इजरायल के बीच प्रस्तावित समझौते की उम्मीदों को धूमिल कर दिया है.
इजरायल और अरब देशों के बीच क्यों है इतनी दुश्मनी? जानिए पूरी कहानी
अमेरिका का डर और सऊदी का आश्वासन

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