
दुनिया का सबसे खतरनाक जासूस है 'पेगासस,' जानें इस इजराइली सॉफ्टवेयर की पूरी कहानी
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ना गहमा-गहमी, ना हथियारों की नुमाइश, ना परमाणु बम का बटन दबाने की धमकी. मोबाइल पर बस एक मैसेज आया और उस पर क्लिक करते ही दुश्मन का काम तमाम. बस कम लफ्ज़ों में यही पेगासस है. जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है.
जासूस और जासूसों की दुनिया ऐसी होती है कि जिसे आप जितना अंदर तक देखेंगे, उतनी ही गहराई में उतरते चले जाएंगे. शायद ही कोई ऐसा दौर रहा हो, जब जासूस ना रहे हों. अलबत्ता वक्त बदलने के साथ-साथ जासूस और जासूसी के तरीके भी बदल गए हैं. लेकिन आज जिस जासूस के बारे में हम बात करने जा रहे हैं, वो दुनिया में अब तक का सबसे खतरनाक जासूस है. क्योंकि वो आपके पास आए बिना ही आपकी पूरी जासूसी कर डालता है. उस जासूस का नाम पेगासस है. वैसे आप इसे सरकारी जासूस भी कह सकते हैं.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










