
दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में दमघोंटू हवा, AQI 350 के पार... सांसों में घुल रहा धीमा जहर
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दिल्ली-एनसीआर की हवा दिवाली से पहले गंभीर रूप से खराब हो चुकी है. शनिवार क्टूबर की सुबह औसत AQI 254 रहा, जबकि आनंद विहार (390), वज़ीरपुर (351) और जहांगीरपुरी (342) समेत कई इलाकों में ‘बहुत खराब’ स्तर दर्ज हुआ. PM 2.5 और PM 10 कण WHO सीमा से कई गुना अधिक पाए गए.
दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बहुत चिंता जनक हो गई है. दिल्ली-एनसीआर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 254 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. खासकर आनंद विहार में AQI 390, वज़ीरपुर में 351 और जहांगीरपुरी में 342 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आते हैं.
सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 225 से ऊपर था, जिसका मतलब है कि हवा ‘गंभीर’ स्तर के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है. हवा में PM 2.5 कण 149 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर थे, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सीमा से कई गुना अधिक हैं. PM 10 कण भी 239 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किए गए. धीमी हवा की गति (सिर्फ 5 किलोमीटर प्रति घंटा) के कारण धुआं और प्रदूषित कण शहर में फंसे रहे और स्मॉग की स्थिति बन गई.
एनसीआर के अन्य शहरों की बात करें तो नोएडा में AQI 288, गुरुग्राम में 266, ग्रेटर नोएडा में 272 और गाज़ियाबाद में 306 दर्ज हुआ, जो इसे देश के सबसे प्रदूषित इलाकों में से एक बनाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने, सड़कों पर वाहनों से निकलने वाले धुएं और धीमी हवा की गति ने मिलकर ये गंभीर हालात पैदा किए हैं. पहले ही GRAP का पहला चरण लागू है, लेकिन हवा की गुणवत्ता में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है. और अगली दो दिनों में हालत और खराब हो सकती है.
दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी है, लेकिन नियमों की अनदेखी होने पर हवा और भी ज्यादा ज़हरीली हो सकती है. फिलहाल, विशेषज्ञ इसे हर दिन करीब 5.6 सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदायक बता रहे हैं.
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