
दिल्ली: स्मॉग टावर पर बोले पर्यावरणविद, प्रदूषण कम करने का ये स्थायी समाधान नहीं
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आजतक ने दिल्ली के स्मॉग टावर की नई पहल और इसकी व्यावहारिकता के बारे में जानने के लिए सरकार और अन्य निजी संगठनों, दोनों के विभिन्न पर्यावरणविदों से बात की. नए स्मॉग टॉवर और खराब वायु गुणवत्ता की समस्या को दूर करने के लिए संसाधनों का बेहतर उपयोग कैसे किया जा सकता है, इसके बारे में कई विरोधाभासी विचार मिले हैं.
दिल्ली का प्रदूषण वर्षों से चिंता का विषय है, सरकारों और अधिकारियों ने इसको नियंत्रित करने के लिए कई प्रयास किए हैं. अक्टूबर आते ही वायु प्रदूषण शुरू हो जाता है, और यह सर्दी के मौसम के अंत तक जारी रहता है. इस सीजन से ठीक पहले, दिल्ली सरकार ने कनॉट प्लेस में बाबा खड़ग सिंह मार्ग पर अपने पहले स्मॉग टावर का उद्घाटन किया, लेकिन पर्यावरणविदों का मानना है कि इस तरह की परियोजना वायु प्रदूषण जैसी जटिल समस्या का स्थायी समाधान मुहैया नहीं करा सकती है. इसके कई आयाम हैं और यह दिल्ली जैसे संसाधनों की कमी वाले शहर में खर्च का सौदा साबित हो सकता है.
उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

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