
दिल्ली में कोरोना के 4 मरीज, नए वेरिएंट का पता लगाने के लिए कराया जा रहा है जीनोम सीक्वेंसिंग
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कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार की ओर से कोई गाइडलाइन जारी करने के मुद्दे पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसी गाइडलाइन जारी करना व्यर्थ होगा जो इंप्लीमेंट ना हो सके. एनफोर्समेंट के नाम पर पब्लिक की हरासमेंट होने लगती है.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में फिलहाल कोरोना के 4 मरीज भर्ती हैं. नए वेरिएंट का पता लगाने के लिए जिनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है और सैंपल लैब भेजे गए हैं. उन्होंने गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे लोगों और 60 से ज्यादा की उम्र वालों को भीड़ वाले इलाकों में न जाने की सलाह दी.
कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार की ओर से कोई गाइडलाइन जारी करने के मुद्दे पर सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'ऐसी गाइडलाइन जारी करना व्यर्थ होगा जो इंप्लीमेंट ना हो सके. एनफोर्समेंट के नाम पर पब्लिक की हरासमेंट होने लगती है.' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से चार दिन पहले जो चर्चा हुई, उसके मुताबिक केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक में नए वेरिएंट जेएन.1 के मामले सामने आए हैं, जो ओमीक्रॉन का ही एक सब-वेरिएंट है. इसका संक्रमण बहुत ज्यादा सीरियस बीमारी का रूप नहीं ले रहा.
'दिल्ली में रोजाना 400 से 500 सैंपल टेस्ट किए जा रहे'
मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में रोजाना 400 से 500 सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं, जिनमें से 5 से 7 कोरोना पॉजिटिव मामले रोजाना दर्ज हो रहे हैं. पॉजिटिविटी रेट 1% से भी कम है. आज की तारीख में दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के कुल 4 मरीज भर्ती हैं. जो मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं उनके सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं. दिल्ली में कोरोना के जितने भी मामले सामने आ रहे हैं उनके सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का ही दिल्ली में भी पालन किया जा रहा है. केंद्र का मानना है कि कोई भी राज्य ऐसा कदम न उठाए जिससे देश में पैनिक की क्रिएट हो. इसलिए दिल्ली सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. व्यवस्था मजबूत करने के लिए अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी करवा ली गई है. मुझे लगता है कि नया वेरिएंट सीरियस नहीं है, अगर उस वेरिएंट से कोई संक्रमित भी होता है तो चिंता की बात नहीं है.

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