
दिल्ली के सेना भवन तक पहुंची ISI की 'विष कन्याएं', हनीट्रैप में फंसाकर कर्मचारी से कराई जासूसी
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Rajasthan News: राजस्थान के करौली का रहने वाला रविप्रकाश मीणा साल 2015 में भर्ती हुआ था और लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी महिला हैंडलर से संपर्क में था. हनीट्रैप में फंसा यह कर्मचारी खुफिया सूचनाएं लीक करने में लगा था.
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ी विष कन्याओं की पहुंच अब राजधानी नई दिल्ली के अति सुरक्षित सेना भवन तक हो गई है. दिल्ली सेना भवन में काम करनेवाले एक कर्मचारी को पाकिस्तान को सूचनाएं भेजने के आरोप में राजस्थान इंटेलिजेंस ने गिरफ्तार किया है.
प्रदेश के करौली स्थित सपोटरा के मसावता का रहनेवाला रविप्रकाश मीणा दिल्ली के सेना भवन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है. जिसे पाकिस्तानी सुंदरियों ने हॉनीट्रैप के जाल में फंसा रखा था. वह देश के सामरिक महत्व की सूचनाएं आईएसआई के महिला हैंडलर को दे रहा था. देश की सभी सुरक्षा एजेंसियां इससे संयुक्त पूछताछ कर रही हैं. इंटेलिजेंस सूत्रों की मानें तो रविप्रकाश मीणा साल 2015 में भर्ती हुआ था और लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए पाक महिला हैंडलर से संपर्क में था. पाकिस्तानी महिला एजेंट खुद को इंडियन आर्मी की महिला अधिकारी अंजलि बताती थी और कहती थी कि वह पश्चिम बंगाल में पदस्थ है.
अधिकारियों ने पता लगाया है कि सूचनाओं के बदले पाकिस्तानी हैंडलर सेना भवन में पदस्थ कर्मचारी रविप्रकाश मीणा के खाते में पैसे भी डाल रहे थे.
2 आरोपी पहले भी हुए गिरफ्तार
इससे पहले बीते अगस्त माह में ही 'ऑपरेशन सरहद' के तहत राजस्थान पुलिस की खुफिया ब्रांच ने ISI के 2 संदिग्ध एजेंटों को भीलवाड़ा और जयपुर के ग्रामीण इलाकों से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था.
दोनों आरोपियों की पहचान भीलवाड़ा जिले के मूल निवासी नारायण लाल गदरी (27) और जयपुर जिले के कुलदीप सिंह शेखावत (24) के रूप में हुई थी. मौजूदा समय में दोनों पाली जिले के जैतारण तहसील स्थित एक शराब की दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे.

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