
ईरान का ट्रंप कार्ड: चोक पॉइंट जंग का ऐसे बना बादशाह, रोकी दुनिया की राह
AajTak
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया, जिससे दुनिया के 20% तेल-गैस का ट्रांसपोर्टेशन रुक गया. कीमतें 60 प्रतिशत बढ़ गईं. राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 अप्रैल को यू-टर्न लिया और कहा कि अब जबरन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खुलवाएंगे. ईरान की ‘चोक पॉइंट वॉरफेयर’ रणनीति ने कम समय में सफलता हासिल कर ली है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल 2026 को दिए अपने भाषण में साफ संकेत दिया कि वे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा चोक पॉइंट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जबरन खुलवाने के लिए अपनी सबसे ताकतवर सेना का इस्तेमाल नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे पास जितना तेल चाहिए, उतना है. साथ में भविष्यवाणी की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुद-ब-खुद खुल जाएगा. यह बयान ट्रंप की बड़ा यू-टर्न है.
कुछ हफ्ते पहले तक वे ईरान को धमकी दे रहे थे कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का ब्लॉकेड नहीं हटाया तो अमेरिका ईरान के तेल प्लांट और पावर ग्रिड पर बमबारी करेगा. अब ट्रंप ने अपने नाटो सहयोगियों से भी कहा है कि वे या तो ईरान से सीधे बात करें या अमेरिका से तेल खरीदें.
यह भी पढ़ें: मिट्टी में मिल गए ईरान के 90 हजार घर... इजरायली-अमेरिकी हमलों के बाद ऐसे हैं जमीनी हालात, Photos
ट्रंप का यू-टर्न क्यों और इसका मतलब क्या
डोनाल्ड ट्रंप का यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान ने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया था. दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरते हैं. बंद होने के बाद जहाजों की आवाजाही रुक गई. तेल की कीमतों में 60 प्रतिशत की तेजी आई. पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई - सेमीकंडक्टर से लेकर खाद तक सब कुछ महंगा हो गया.

ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया, जिससे दुनिया के 20% तेल-गैस का ट्रांसपोर्टेशन रुक गया. कीमतें 60 प्रतिशत बढ़ गईं. राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 अप्रैल को यू-टर्न लिया और कहा कि अब जबरन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खुलवाएंगे. ईरान की ‘चोक पॉइंट वॉरफेयर’ रणनीति ने कम समय में सफलता हासिल कर ली है.

कुछ महीने पहले तक हालात ऐसे थे कि भारत के पड़ोसी मुल्कों के साथ हमारे रिश्ते रसातल तक पहुंच गए थे. कुछ देशों में इंडिया आउट और बायकॉट इंडिया जैसे कैंपेन तक चलाए जा रहे थे. लेकिन ईरान युद्ध की वजह से सामने आए ऊर्जा संकट के बीच अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं. इससे दक्षिण एशिया में शांत लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है.

'खुद को विजेता घोषित करे ईरान और खत्म कर दे जंग', ट्रंप को उन्हीं की भाषा में जवाब देने की मिली सलाह
ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ईरान को खुद जीत घोषित कर सीजफायर और डील करने की सलाह दी, जिससे संघर्ष खत्म हो सके.

हनुमान जयंती के मौके पर हैदराबाद शहर में ज़बरदस्त भक्ति का माहौल देखने को मिला. हज़ारों भक्तों ने 'वीर हनुमान विजय यात्रा' में हिस्सा लिया. पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए. शांतिपूर्ण माहौल में उत्सव मनाने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, साथ ही ड्रोन और CCTV कैमरों से भी निगरानी रखी गई.

देश में LPG की किल्लत की चर्चाओं का असर अब भी दिख रहा है. बड़े शहरों में उद्योग प्रभावित हुए हैं. फैक्ट्रियां बंद होने से मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है. गैस की कमी और बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे हालात चिंताजनक बने हुए हैं. देशभर से मजदूर बड़ी संख्या में अपने गांवों की ओर लोट रहे हैं. देखिए रिपोर्ट.








