
आतंकी या बेकसूर को मारा? जम्मू-कश्मीर में गांदरबल एनकाउंटर पर उठे सवाल, LG का आदेश- सात दिन में जांच हो
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जम्मू-कश्मीर में इन दिनों गांदरबल में हुए एनकाउंटर का एक मामले विवादों में घिर गया है. इस मामले में अब एलजी मनोज सिन्हा ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है. पीड़ित परिवार का कहना है कि एनकाउंटर में मारे गए राशिद गुल बेकसूर था. वहीं, सेना का कहना है कि वह आतंकी था.
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के अरहामा इलाके में बुधवार की सुबह सेना ने एक ऑपरेशन चलाया. सेना का कहना था कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि इस इलाके में एक लोकल आतंकी छुपा हुआ है. ऑपरेशन के बाद सेना ने ऐलान किया कि एक आतंकी मारा गया.
लेकिन जैसे ही मरने वाले का नाम और पहचान सामने आया, मामले ने पूरे प्रदेश में सनसनी मचा दी. प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने इस एनकाउंटर यानि कि सेना के ऑपरेशन पर सवाल उठाए. मुख्यमंत्री ने जांच की मांग की थी और पीडीपी चीफ ने इसका समर्थन किया था.
अब एलजी मनोज सिन्हा ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
कौन था रशीद अहमद मुगल?
रशीद अहमद मुगल, उम्र 29 साल. गांदरबल के लार गांव का रहने वाला था. घर में एक आम जिंदगी जीने वाला नौजवान. BA तक पढ़ाई की थी. अपने गांव में ही कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था और घर-परिवार का खर्च चलाने के लिए मजदूरी भी करता था. पड़ोसी उसे एक शांत और मेहनती लड़के के तौर पर जानते थे.
परिवार का दावा

जम्मू-कश्मीर में इन दिनों गांदरबल में हुए एनकाउंटर का एक मामले विवादों में घिर गया है. इस मामले में अब एलजी मनोज सिन्हा ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है. पीड़ित परिवार का कहना है कि एनकाउंटर में मारे गए राशिद गुल बेकसूर था. वहीं, सेना का कहना है कि वह आतंकी था.

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