
तालिबान की दो टूक, अकेले लड़ेंगे ISIS से जंग; नहीं चाहिए अमेरिका का साथ
Zee News
तालिबान के राजनीतिक प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने शनिवार को बताया कि अफगानिस्तान में तेजी से सक्रिय होते जा रहे इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े संगठनों को लेकर उसकी ओर से वाशिंगटन को किसी तरह का सहयोग नहीं दिया जाएगा. दायेश से अपने दम पर निबटने में हम सक्षम हैं.
वाशिंगटन: अफगानिस्तान में कट्टरपंथी समूहों को काबू करने में अमेरिका (US) के साथ सहयोग करने की संभावना को तालिबान (Taliban) ने शनिवार को सिरे से खारिज कर दिया. इसके साथ ही अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की अगस्त में पूरी तरह से वापसी के बाद से अमेरिका और तालिबान के बीच होने जा रही पहली सीधी वार्ता के पहले इस अहम मुद्दे पर उसने सख्त रुख अपना लिया है.
अमेरिकी अधिकारी शनिवार और रविवार को तालिबान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कतर की राजधानी दोहा में बैठक करेंगे. इसका उद्देश्य विदेशी नागरिकों और ऐसे अफगान लोगों की अफगानिस्तान से निकासी को आसान बनाना है, जिन पर खतरा है. इसके अलावा, अफगानिस्तान में उग्रपंथी समूहों को नियंत्रित करने के बारे में भी बात हो सकती है. दोनों पक्षों के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. तालिबान ने संकेत दिए हैं कि लोगों की अफगानिस्तान से निकासी को लेकर वह फ्लेक्सिबल रुख अपना सकता है.

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F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.




