
तल्ख तेवर, गिव एंड टेक फॉर्मूला... कांग्रेस के दांव से कैसे फंस गए हैं लालू-तेजस्वी?
AajTak
आरजेडी की तमाम कोशिशों के बावजूद महागठबंधन से तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित करने पर अभी सहमति नहीं बन सकी है. कांग्रेस सीट शेयरिंग फाइनल होने तक तेजस्वी के नाम पर सहमति देने के मूड में नहीं है. कांग्रेस ने इस एक दांव से लालू यादव और उनकी पार्टी को किस तरह से फंसा दिया है?
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गुरुवार के दिन पटना में महागठबंधन की बैठक हुई. इस बैठक में सभी घटक दलों के नेताओं को लेकर समन्वय समिति बनाने का निर्णय लिया गया. इसकी अगुवाई राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के तेजस्वी यादव करेंगे. इस समिति का उद्देश्य है महागठबंधन के सभी घटक दलों के साथ बेहतर तालमेल और रणनीति तैयार करना जिससे विधानसभा चुनाव में एनडीए को मजबूती के साथ टक्कर दी जा सके. आरजेडी को उम्मीद थी कि बैठक के बाद तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस बनाने का ऐलान हो जाएगा. बैठक में इस पर मुहर नहीं लग पाई और पार्टी का इंतजार और बढ़ गया है.
जानकारी के मुताबिक के महागठबंधन की बैठक में तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री चेहरे पर सहमति नहीं बन पाई. इसे लेकर अब सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या कांग्रेस पार्टी केवल दबाव की राजनीति करने के इरादे से ही तेजस्वी का नाम मुख्यमंत्री फेस के रूप में घोषित करने से बच रही है. दरअसल, महागठबंधन की इस बैठक को लेकर दो मुद्दों पर सबकी नजर टिकी थी. पहले सीट बंटवारे का मामला और दूसरा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री फेस घोषित किया जाना. बैठक में इन दोनों मुद्दों पर कोई फैसला नहीं हुआ. माना जा रहा है कि भविष्य में महागठबंधन की कई राउंड बैठक होगी और इसके बाद ही सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री के लिए चेहरे को लेकर कुछ स्थिति साफ हो सकती है.
कांग्रेस की प्रेशर पॉलिटिक्स?
महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है लेकिन जो मुख्य रूप से सीटों का बंटवारा होना है, वह आरजेडी और कांग्रेस के बीच होना है. 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी 144 और कांग्रेस ने 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. बाकी 29 सीटें वामपंथी दलों के खाते में गई थीं. चुनाव नतीजे आए तो आरजेडी सबसे ज्यादा 75 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. कांग्रेस के केवल 19 विधायक जीत कर आए थे. तब महागठबंधन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका था और तेजस्वी सरकार बनाने से चूक गए थे.
कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 2020 के विधानसभा चुनाव में केवल 27 फीसदी रहा था और शायद यही वजह है कि इस बार के चुनाव में आरजेडी ज्यादा सीटें नहीं देना चाहती. सूत्रों के मुताबिक इस बार आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव कांग्रेस को केवल 50 सीट देने के पक्ष में हैं. हालांकि, कांग्रेस की डिमांड कम से कम 70 सीट की है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कुछ कम सीटों पर भी चुनाव लड़ने को तैयार हो सकती है लेकिन इसके लिए पार्टी की शर्त है कि उसे मनपसंद सीटें दी जाएं जहां वह मजबूत है.
2020 के चुनाव में कांग्रेस की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि लालू यादव ने कांग्रेस को करीब 30 ऐसी सीटें दी थीं जहां खुद उनकी पार्टी पिछले चार-पांच चुनाव से हार रही थी. कांग्रेस इस बार अधिक सतर्क होकर सीट शेयरिंग पर बात कर रही है. पार्टी पुरानी गलती से सीख लेकर आगे बढ़ रही है.

महायुद्ध से इस वक्त पूरी दुनिया खबरदार हो चुकी है. क्योंकि 24 घंट के भीतर ईरान और खाड़ी देशों में तेल-गैस रिफाइनरी पर हमले में आग के बाद दुनिया का बाजार, सोना, चांदी, रुपया, ट्रंप की रेटिंग सबकुछ में उथलपुथल मच चुकी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ी धमकी दी है अगर हमारे बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ तो हम बिल्कुल भी संयम नहीं बरतेंगे. इज़राइल की तरफ से हुए हमले के पलटवार में हमने अपनी शक्ति का एक अंश ही इस्तेमाल किया है. संयम बरतने का एकमात्र कारण तनाव कम करने के अनुरोध का सम्मान करना है.

अमृतसर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. आरोपियों के पास से 7 आधुनिक पिस्तौल बरामद हुए हैं. जांच में पुर्तगाल में बैठे हैंडलर और पाकिस्तान लिंक सामने आया है. थाना कैंटोनमेंट में मामला दर्ज कर पुलिस पूरे नेटवर्क के अन्य कनेक्शन खंगाल रही है.

केरलम (केरल) के अलाप्पुझा और कोझिकोड जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने 20,000 से ज्यादा घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश दिया है. संक्रमण रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मांस और अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं. इस मामले की अगली कार्रवाई 21 मार्च से शुरू होगी.

मिडिल ईस्ट की जंग के बीच वैसे तो अब तक एलपीजी टैंकर के 3 जहाज होर्मुज के रास्ते भारत आ चुके हैं... लेकिन फिर भी अभी देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है... मुंबई के प्रभादेवी इलाके में मशहूर अशोक वड़ा पाव स्टॉल गैस सिलेंडर की वजह से बंद पड़ा है... ऐसा कहा जाता है कि, साल 1966 में यहीं पहली बार वड़ा पाव बनाया गया था... लेकिन 16 मार्च से कमर्शियल गैस न मिलने की वजह से ये स्टॉल बंद है.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के बाद पैदा हुए सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने पुलिस और नागरिक प्रशासन को ईद और रामनवमी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की 'प्रतिहिंसा' को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया है.








