
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, सरकारी कर्मचारी वर्कप्लेस पर कर सकते हैं धर्म का प्रचार
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अमेरिकी संविधान द्वारा संरक्षित धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए सोमवार को ट्रंप प्रशासन ने सरकारी अधिकारियों को अपने वर्कप्लेस पर अपनी धार्मिक मान्यताओं को बढ़ावा देने की अनुमति दे दी है. बयान में कहा गया है कि सुपरवाइजर अपने कर्मचारियों को अपने धर्म में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, बशर्ते ये कोशिश उत्पीड़नकारी प्रकृति का न हो.
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को ऐलान किया कि अमेरिका में सरकारी अधिकारी अपने वर्कप्लेस पर धार्मिक मान्यताओं पर चर्चा करने और उनका प्रचार करने की अनुमति दे दी है.
ट्रंप प्रशासन ने अपने इस फैसले के पीछे अमेरिकी संविधान द्वारा संरक्षित धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला दिया, जिससे कानून सही ठहराया गया है.
अमेरिकी सरकारी की मानव संसाधन एजेंसी, कार्मिक प्रबंधन कार्यालय के निदेशक स्कॉट कुपोर ने अपने बयान में कहा कि एजेंसी कर्मचारी ऑफिस में दूसरों को अपने धार्मिक विचारों के बारे में समझाने की कोशिश कर सकते हैं.
'कर्मचारियों को प्रेरित कर सकते हैं सुपरवाइजर'
उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि सुपरवाइजर अपने कर्मचारियों को अपने धर्म में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, बशर्ते ये कोशिश उत्पीड़नकारी प्रकृति का न हो. इसके साथ ही, एजेंसियां उन कर्मचारियों को परेशान नहीं कर सकतीं जो अपने सहकर्मियों के साथ धार्मिक चर्चा में भाग लेने से इनकार करते हैं.
न्यायालयों ने लंबे वक्त से ये माना है कि नियोक्ता कार्यस्थल में सभी धार्मिक अभिव्यक्तियों को दबा नहीं सकते, लेकिन वे उस आचरण पर अंकुश लगा सकते हैं जो विघटनकारी हो या अनुचित कठिनाई पैदा करता हो, बशर्ते ये सभी धर्मों के सदस्यों पर समान रूप से लागू हो.

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