
'जंग रुकवा दें...', ट्रंप के Ex बॉडीगार्ड के पास गया था PAK, करोड़ों दिए, ऑपरेशन सिंदूर में पिटा पाकिस्तान क्या-क्या कर रहा था?
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान इस कदर खौफ में था कि उसे किसी तरह भी इस जंग को रुकवाना था. इसके लिए पाकिस्तान राष्ट्रपति ट्रंप के एक पूर्व बॉडीगार्ड तक के पास चला गया था. ट्रंप का ये बॉडीगार्ड कीथ शिलर अमेरिका में लॉबिंग फर्म चलाता है. इसके अलावा पाकिस्तान ने अमेरिका के कई दूसरे लॉबिंग फर्मों की सेवा ली और 45 करोड़ खर्च किए.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में खौफ का आलम इस तरह था कि पाकिस्तानी प्रशासन बार बार अमेरिका के आगे गुहार लगा रहा था. जंग के मैदान में पीटे पाकिस्तान ने पैसे के जोर पर अमेरिका से जंग रुकवानी चाही. पाकिस्तान ने इस काम में लगभग आधा अरब रुपये खर्च किए और 60 बार अमेरिकी आकाओं के आगे गुहार लगाई. ये खुलासे अमेरिकी सरकार द्वारा कई दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के बाद हुआ है.
अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत हुए नए खुलासों से पता चलता है कि भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने वॉशिंगटन में कैसे एक ज़ोरदार लॉबिंग कैंपेन चलाया. पाकिस्तान अमेरिकी सिस्टम के टॉप लेवल पर क्राइसिस मैनेजमेंट कर रहा था, हथियारों की गुहार लगा रहा था और अमेरिका के साथ आर्थिक मदद के लिए हाथ फैला रहा था.
पाकिस्तान ने कभी यही हरकत करगिल युद्ध के दौरान की थी. तब पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के आग जंग रुकवाने के लिए गुहार लगा रहे थे.
इस बार नवाज शरीफ के भाई पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर अमेरिकी फर्मों के जरिए ऑपरेशन सिंदूर के बाद लॉबिंग कर रहे थे और अमेरिका से हर तरह के मदद की गुहार लगा रहे थे.
FARA Filing क्या होता है?
FARA का पूरा नाम Foreign Agents Registration Act है. यह अमेरिका का एक कानून है जो 1938 में बनाया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि अमेरिकी सरकार, जनता और नीति-निर्माताओं को पता चले कि विदेशी हितों की ओर से अमेरिका में राजनीतिक, प्रचार या प्रभाव डालने वाली गतिविधियां कौन कर रहा है.

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