
डेस्टिनेशन वेडिंग पर विदेशों में खर्च हो रहे 1 लाख करोड़ रुपये कैसे बच सकते हैं? एक्सपर्ट ने बताया तरीका
AajTak
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और सचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों के लगभग 100 प्रमुख शहरों और उनके आसपास 2 हजार से अधिक ऐसे स्थान हैं, जहां बड़े धूमधाम से डेस्टिनेशन वेडिंग की जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक हर साल विदेश में लगभग 5 हजार डेस्टिनेशन शादियां होती हैं, जिसका खर्च 75 हजार करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया की तर्ज पर "वेड इन इंडिया" का आह्वान किया है. इस विचार को कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दूरदर्शी बताया है. क्योंकि इससे देश से बाहर जाने वाले मुद्रा के अनावश्यक प्रवाह पर अंकुश लगेगा. बता दें कि 26 नवंबर को पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान पहली बार वेड इन इंडिया का जिक्र किया था. पीएम के आह्वान के बाद CAIT देशभर के व्यापारियों और नागरिक समाज के बीच भारत के डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहित करने के लिए एक अभियान चला रहा है.
CAIT के मुताबिक विदेश में भारतीयों द्वारा डेस्टिनेशन वेडिंग के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक सर्वेक्षण नहीं हुआ है, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक हर साल विदेश में लगभग 5 हजार डेस्टिनेशन शादियां होती हैं, जिसका खर्च 75 हजार करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है.
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और सचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों के लगभग 100 प्रमुख शहरों और उनके आसपास 2 हजार से अधिक ऐसे स्थान हैं, जहां बड़े धूमधाम से डेस्टिनेशन वेडिंग की जा सकती हैं.
ऐसे प्रमुख शहरों में गोवा, महाराष्ट्र में लोनावला, महाबलेश्वर, मुंबई, शिरडी, नासिक, नागपुर, गुजरात में द्वारका, अहमदाबाद, सूरत, बड़ौदा, मध्य प्रदेश में ओरछा, ग्वालियर, उज्जैन, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, पुष्कर, उत्तर प्रदेश में मथुरा, वृन्दावन, आगरा, वाराणसी, कानपुर, दक्षिण भारत में चेन्नई, यादगिरी हिल, ऊटी, बेंगलुरु, हैदराबाद, तिरूपति, कोच्चि, त्रिची, कोयम्बटूर, पॉन्डिचेरी, दिल्ली के अलावा, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, बहादुरगढ़, NCR में फरीदाबाद और पंजाब-हरियाणा में चंडीगढ़, मोहाली, अमृतसर और जम्मू.
भरतिया और खंडेलवाल ने बताया कि अमीर लोगों का एक वर्ग विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग कर रहा है, जो देश में शादी समारोह करने के बजाय विदेश में शादी करना अपनी शान समझते हैं. जिससे भारत का बड़ा व्यवसाय विदेशों में ट्रांसफर हो रहा है. जबकि भारत में ही बड़ी संख्या में ऐसी जगहें हैं, जहां धूमधाम से डेस्टिनेशन वेडिंग की जा सकती है. अगर अमीर वर्ग विदेश की बजाय इन जगहों पर डेस्टिनेशन वेडिंग करने लगे, तो बाकी लोग भी उन्हें फॉलो करने लगेंगे. नतीजा ये होगा कि शादियों पर खर्च होने वाला पैसा देश में ही रहेगा.
उन्होंने बताया कि ये सभी जगह मीडियम बजट से लेकर बड़े बजट तक की डेस्टिनेशन वेडिंग करने में पूरी तरह सक्षम हैं. ऐसी कई कंपनियां हैं, जो शादियों के आयोजन के लिए सामान्य से लेकर विशेष सुविधाएं और व्यवस्थाएं प्रदान करती हैं. पिछले कुछ वर्षों में भारत में एक बड़ा नेटवर्क विकसित हुआ है और यही कारण है कि शादी से संबंधित सेवाएं देश में एक बड़ा व्यवसाय बन गया है. चाहे देश में डेस्टिनेशन वेडिंग हो या विदेश में, ये कंपनियां या ग्रुप इसे संपन्न कराने में अव्वल रहते हैं.

सूरत में शनिवार को शहर के बीचों-बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने बस सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सूरत महानगर पालिका की बीआरटीएस बस में बुर्का पहने एक महिला ने बस चालक पर हमला कर दिया. यह घटना बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Dense fog in Delhi NCR has significantly reduced visibility, affecting areas like Noida, Ghaziabad, and Faridabad. Similar conditions are observed in Uttar Pradesh, Haryana, and Punjab. The weather department predicts cold day conditions in Punjab, Haryana, and Chandigarh, leading to colder temperatures and the need for caution on roads.

ग्रीनलैंड पर जल्द से जल्द क्यों कब्जा करना चाहते हैं ट्रंप... अमेरिका के 250वें बर्थडे से है कनेक्शन
2026 की शुरुआत में वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के बाद दुनिया एक नए भू-राजनीतिक दौर में पहुंच गई है. डोनाल्ड ट्रंप अब ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की खुली बात कर रहे हैं. सवाल उठ रहा है कि क्या यह रणनीतिक जरूरत है या अमेरिका के विस्तारवाद की पुरानी सोच की वापसी.

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के मंदिर परिसरों में इस साल से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन रहेगा. दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-4 लागू कर दिया है. ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बंद कर दी गई है और स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया.

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज मनाया जा रहा है. इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम स्थल पर एकत्र हुए हैं. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे से स्नान आरंभ हो गया है जो दिन भर चलता रहेगा. स्थानीय प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे.








