
ट्रंप ने 24 घंटे के भीतर पलटा एलन मस्क का ये फैसला, एक्सपर्ट ने बताया था राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़
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आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक डेरिल किमबॉल ने कहा कि DOGE के लोग इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं रखते कि ये विभाग किस काम के लिए जिम्मेदार है. ऐसा लगता है कि उन्हें यह एहसास ही नहीं है कि ये वास्तव में ऊर्जा विभाग से ज़्यादा परमाणु हथियारों का विभाग है.
अमेरिका में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप लगातार चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं. इसी कड़ी में ट्रंप प्रशासन ने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर काम कर रहे 350 से ज्यादा कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकाल दिया था. लेकिन इस फैसले के 24 घंटे के भीतर ही उनकी नौकरी बहाल कर दी गई. इन कर्मचारियों को निकाले जाने के बाद ट्रंप प्रशासन की काफी आलोचना हो रही थी और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाला फैसला माना जा रहा था.
एलन मस्क ने कराई छंटनी
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि नौकरी से निकाले गए न्यूक्लियर वर्कर्स को पहले से इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी. इन कर्मचारियां का ई-मेल एक्सेस तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया. साथ ही कुछ तो ऐसे थे जो ऑफिस में दाखिल होने के लिए बाहर खड़े इंतजार करते रहे, क्योंकि उन्हें नौकरी से निकाले जाने के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी. एलन मस्क की अगुवाई वाले DOGE को इस फैसले के पीछे की वजह माना जा रहा है कि जो सरकारी खर्चों में कटौती के लिए बनाया गया एक अलग डिपार्टमेंट हैं.
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ट्रंप प्रशासन में मस्क एक-एक पाई का हिसाब-किताब कर रहे हैं. ट्रंप ने उन्हें Department of Government Efficiency यानी कि DOGE का चीफ बनाया है. इसी वजह से मस्क अमेरिकी करदाताओं के पैसे की बर्बादी रोकने के मससद से हर फैसले को आर्थिक पैमाने के तराजू पर तौल रहे हैं. न्यूक्लियर वर्कर्स की छंटनी भी इसी के तहत की गई थी. हालांकि अब ट्रंप ने इस फैसले को पलट दिया है.
एक्सपर्ट ने फैसले पर उठाए सवाल

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