
ट्रंप ने गाजा में संघर्ष विराम के लिए नेतन्याहू को एक पल में कैसे मनाया? सामने आई सच्चाई
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद ग्रहण करने से पहले नेतन्याहू को गाजा में युद्ध विराम के लिए मना लिया था. लेकिन पद संभालते ही गाजा को लेकर उनके तेवर बदल गए और अब तो उन्होंने गाजा पर कब्जा करने की बात कह दी है. उनके बयानों से दुनिया जहां हैरान है तो वहीं, इजरायल खुश हो रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने 4 फरवरी को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक बयान जारी कर दुनिया को चौंका दिया था. बयान में उन्होंने कहा था कि अमेरिका गाजा पट्टी को 'मध्य पूर्व के Riviera (छुट्टियां बिताने के लिए रिजॉर्ट जैसी जगह)' में बदल देगा और इसके लिए फिलिस्तीनियों को कहीं और बसाने के बाद गाजा पर कब्जा करेगा और उसका मालिक बनेगा.
दुनिया भर में ट्रंप के इस बयान की निंदा की गई, कई लोगों ने इसे विचित्र, हास्यास्पद, अविश्वसनीय बताया. यहां तक कि अमेरिका के सबसे कट्टर सहयोगी ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टारमर ने भी इसका समर्थन करने से इनकार कर दिया.
उन्होंने कहा, 'उन्हें [फिलिस्तीनियों] को घर जाने देना चाहिए, गाजा के पुनर्निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए, और हमें दो-राज्य समाधान की दिशा में पुनर्निर्माण में उनका साथ देना चाहिए.'
फिलिस्तीन के लड़ाकू संगठन हमास ने ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए कहा, 'यह योजना क्षेत्र में अराजकता और तनाव पैदा करने का नुस्खा है, गाजा के लोग ऐसी योजनाओं को पारित नहीं होने देंगे.'
हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने मौजूदा कार्यकाल में गाजा को "साफ" करने का संकेत दिया है. ट्रंप का पहला कार्यकाल भी फिलिस्तीन के मुद्दे पर कुछ ऐसा ही रहा था-
ट्रंप 1.0 और फिलिस्तीन

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