
टूटी इकोनॉमी की तेज रफ्तार? 8 कोर इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट नीचे आई, अगस्त में रही बस 3.3 प्रतिशत
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 8 कोर सेक्टर की ग्रोथ रेट अगस्त 2022 में महज 3.3 प्रतिशत रही है. जबकि पिछले साल अगस्त में ये दर 12.2% थी. इन 8 कोर सेक्टर में कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट , उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी हैं.
देश की इकोनॉमी सही रफ्तार से बढ़ रही है या नहीं, इसका एक बहुत बड़ा पैरामीटर 8 कोर इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट के आंकड़े होते हैं. अगस्त 2022 के आंकड़े देखें तो इन 8 सेक्टर्स की ग्रोथ महज 3.3% रही है जो ठीक एक साल पहले यानी अगस्त 2021 में 12.2% थी.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 8 कोर सेक्टर की ग्रोथ रेट अगस्त 2022 में महज 3.3 प्रतिशत रही है. जबकि पिछले साल अगस्त में ये दर 12.2% थी. इन 8 कोर सेक्टर में कोयला, कच्चा तेल (Crude Oil), नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट (Eg. Petrol, Diesel and Petro-Chemical), उर्वरक, इस्पात (Steel), सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी हैं.
जुलाई से भी नीचे आई ग्रोथ रेट
अगर 8 कोर इंडस्ट्री के ग्रोथ रेट को देखा जाए, तो अगस्त 2022 के आंकड़े जुलाई से भी नीचे हैं. जुलाई में ये ग्रोथ रेट 4.5% थी. जबकि उससे पहले जून 2022 में 13.2% और मई 2022 में ये 19.3% तक पहुंच गई थी. अगर बीते 12 महीनों के आंकड़े देखें तो मई 2022 में ही ये ग्रोथ रेट सबसे अधिक रही है. जबकि उससे पहले अगस्त 2021 में ही ये दहाई अंकों में थी और उसके बाद लगातार नीचे है.
टूटी इकोनॉमी की तेज रफ्तार?
आठ कोर इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट इतना नीचे आने से संभव है कि आपको लगे कि इकोनॉमी की हालत खराब हो गई है, या इकोनॉमी की रफ्तार थम रही है. लेकिन असलियत में ये एक तुलनात्मक अध्ययन है, तो इसे ऐसे समझ सकते हैं. जब अगस्त 2021 के आंकड़े निकाले गए तो उसकी तुलना अगस्त 2020 से की गई, और अब अगस्त 2021 की तुलना में इनकी ग्रोथ रेट तय की गई है, इसलिए ये काफी कम लग रही है. लेकिन असल मायने में 8 कोर इंडस्ट्रीज ने अगस्त 2022 में 3.3 प्रतिशत की दर से ग्रोथ दर्ज की है, यानी ये पॉजिटिव संकेत ही है, ना कि निगेटिव.

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