
झारखंड: लातेहार में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने तीन उग्रवादियों को मार गिराया
AajTak
जगुआर की टीम ने टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर, एरिया कमांडर और एक अन्य उग्रवादी को मार गिराया गया है. सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान एक एसएलआर, एक इंसास सहित कई हथियार बरामद किए हैं.
झारखंड के लातेहार में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन उग्रवादियों को ढेर कर दिया है. जगुआर की टीम ने टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर, एरिया कमांडर और एक अन्य उग्रवादी को मार गिराया गया है. सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान एक एसएलआर, एक इंसास सहित कई हथियार बरामद किए हैं.
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को झारखंड जगुआर की टीम सर्चिंग पर निकली थी. इस दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को देखकर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई जिसमें तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के तीन उग्रवादियों को मार गिराया. मारे गए उग्रवादियों में टीएसपीसी का सबजोनल कमांडर ,एरिया कमांडर और एक अन्य उग्रवादी शामिल है.
सुरक्षाबलों की ओर से जवाबी कार्रवाई के बाद अन्य उग्रवादी जंगल की ओर भाग निकले. इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया. सर्च ऑपरेशन के दौरान एक एसएलआर, एक इंसास सहित कई अन्य हथियार बरामद किया गया है. साथ ही नक्सली साहित्य समेत भारी मात्रा में कारतूस की भी बरामदगी की गई है.
उग्रवादियों के मारे जाने और भारी मात्रा में कारतूस और अन्य हथियार बरामद होने के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घर लिया है. साथ ही इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









