
झारखंड: निकाय चुनाव में बिखर रहा JMM, RJD और कांग्रेस का गठबंधन? जानें क्या है असली वजह
ABP News
Jharkhand: झारखंड के निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दल अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थन में उतर आए हैं. रांची समेत कई शहरों में तालमेल की कमी से गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के गठबंधन की सरकार है, लेकिन इन दिनों इस गठबंधन में दरार दिखने लगी है. राज्य में होने वाले निकाय चुनावों ने सत्तारूढ़ गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं हुई है जिसके बाद इनके बीच तालमेल की कमी खुलकर सामने आई है. रांची सहित कई नगर निकायों में सहयोगी दलों के समर्थित उम्मीदवार आमने-सामने हैं.
निकाय चुनाव भले ही गैर दलीय आधार पर हो रहे हों, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी ताकत झोंक दी है. कई जगहों पर तीनों दलों ने अलग-अलग उम्मीदवारों को समर्थन दे दिया है. इससे गठबंधन की डोर ढीली पड़ती नजर आ रही है.
राजधानी रांची में मेयर और वार्ड पार्षद पदों को लेकर मुकाबला रोचक और जटिल हो गया है. गठबंधन सहयोगी दलों के समर्थित प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। इससे साझा रणनीति के अभाव की तस्वीर साफ दिख रही है. जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. सार्वजनिक मंचों से गठबंधन की मजबूती का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन अलग-अलग सभाएं और प्रचार अभियान हकीकत बयां कर रहे हैं. कई वार्डों में एक ही मोहल्ले में अलग घटक दलों के समर्थक समर्थन मांगते नजर आ रहे हैं.
रांची ही नहीं, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग और गिरिडीह जैसे शहरी क्षेत्रों में भी प्रत्याशी चयन को लेकर सहमति नहीं बन सकी. स्थानीय नेताओं ने अपने-अपने राजनीतिक समीकरणों के आधार पर निर्णय लिए. इससे गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी उजागर हुई है.

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