
Exclusive: 'कान सुन्न, आंखों के सामने छाया अंधेरा', मिडिल ईस्ट जंग से बचकर लौटे दो भारतीयों ने सुनाई आपबीती
ABP News
Iran Israel War: 18 मार्च को ईरान और इजरायल जंग के बीच भारत लौटे दो भारतीय नागरिकों ने एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने युद्ध के भयावह हालात के बारे में बताया है.
एक मार्च के दिन सुबह 7 बजे के करीब स्काइलाइट नाम की ऑयल शिप पर ओमान के पास अटैक हुआ था, जिसमें सवार 10 भारतीय क्रू थे, उसमें से 2 लोगों की मौत हो गई थी, बाकियों को किसी तरह से रेस्क्यू कर भारत 18 मार्च को वापस लाया गया. उन बचे 6 क्रू मेंबर्स में से दो विक्रम घोष (चीफ कुक) और अब्दुल रहमान (एबल सीमन) ने ABP न्यूज से बातचीत की और बताया कि जब धमाका हुआ तो क्या कुछ हुआ था.
शिप पर मौजूद चीफ कुक ने क्या बताया?
विक्रम घोष ने बताया कि हम जहां पर आराम करते हैं, हमारे केबिन के पास ही नीचे इंजन रूम होता है और यह जो धमाका हुआ इंजन रूम के पास हुआ, जिस वजह से पूरी तरफ धुआं धुआं हो गया था. धमाका इतना जोरदार था कि शिप ने अपनी पोजीशन बदल ली थी. हजारों टंकी जहाज हिल गई थी तो सोचिए हमारी क्या स्थिति रही होगी.
हम सब किसी तरह से बाहर निकले और फिर हमने जब हेड काउंट किया तो जहाज के कप्तान और एक और क्रू मिसिंग थे. हमने उनको बहुत बुलाया, लेकिन वह कहीं नहीं मिल पाए. इसके बाद किसी तरह से ओमान की नेवी वहां पहुंची. उन्होंने रस्सी के सहारे हमें पानी में उतारा और दो लोग हमारे बीच नहीं है.













