
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट ने थमाया नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के अंदर बगावत के सुर और अपने ही घर में भाभी सीता सोरेन (जामा से विधायक) का विरोध झेल रहे हेमंत को अब झारखंड हाईकोर्ट ने नोटिस थमाया है. खनन पट्टा अलॉट होने के मामले में दाखिल पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.
खनन पट्टा मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने इस मामले में हेमंत सोरेन से जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में पूरी जानकारी कोर्ट को उपलब्ध कराई जाए. बता दें कि कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम पत्थर खदान का पट्टा अलॉट होने का मामला सामने आया था. मामले में हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई थी. कोर्ट ने इस मामले पर महाधिवक्ता से भी जवाब-तलब करने का आदेश दिया है.
झारखंड हाइकोर्ट में सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ 11 फरवरी को जनहित याचिका दायर की गयी थी. प्रार्थी शिव शंकर शर्मा की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने पीआईएल दाखिल किया था.
प्रार्थी की ओर से इस जनहित याचिका में कहा गया था कि हेमंत सोरेन खनन मंत्री, मुख्यमंत्री और वन पर्यावरण विभाग के विभागीय मंत्री भी हैं. उन्होंने खुद पर्यावरण क्लियरेंस के लिए आवेदन दिया था और खनन पट्टा हासिल किया है. ऐसा करना पद का दुरुपयोग है और जनप्रतिनिधि अधिनियम का उल्लंघन है, इसलिए इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच करायी जाये.
साथ ही प्रार्थी ने हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की मांग भी कोर्ट से की है. प्रार्थी ने हाइकोर्ट से मांग की है कि अदालत राज्यपाल को यह निर्देश दें कि वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने के खिलाफ प्राथमिकी के लिए अभियोजन स्वीकृति प्रदान करें.
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