
जैश का गढ़, लश्कर से भी लिंक... भारत की एयरस्ट्राइक का टारगेट क्यों बना PAK का बहावलपुर
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पहलगाम में आतंकी हमला करने वाले आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना ने प्रहार शुरू कर दिया है. मंगलवार देर रात को भारत की सेना ने पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, इसके बाद से ही पाकिस्तान में हाहाकार मचा है.
भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर रातभर चले अभियान के तहत हमले किए. पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग DG ISPR ने कोटली, मुरीदके और बहावलपुर समेत नौ स्थानों पर भारतीय हमलों की पुष्टि की है. इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया है, जिसके मुख्य टारगेट जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा जैसे जिहादी ठिकाने थे, जो पिछले तीन दशकों से भारत पर बड़े आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहे हैं.
बहावलपुर ही क्यों?
पाकिस्तान का 12वां सबसे बड़ा शहर बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ है. यह शहर लाहौर से लगभग 400 किमी दूर है और यहां JeM का मुख्यालय 'जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह' परिसर में स्थित है, जिसे उस्मान-ओ-अली कैंपस भी कहा जाता है. यह परिसर 18 एकड़ में फैला हुआ है और JeM के लिए भर्ती, फंडिंग और ट्रेनिंग का केंद्र है. भारतीय हमले में यह मस्जिद भी निशाने पर थी. JeM का संस्थापक मौलाना मसूद अजहर बहावलपुर का ही रहने वाला है और यहीं एक भारी सुरक्षा वाले परिसर में रहता है.
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जैश-ए-मोहम्मद (JeM) पर आधिकारिक रूप से 2002 में प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन यह कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित रही. संगठन को अपने कैंप को पूरी तरह संचालित करने की आजादी दी गई. JeM का कैंप पाकिस्तान की 31 कॉर्प्स के मुख्यालय- एक आर्मी कैंट- से कुछ ही दूरी पर स्थित है. बताया जाता है कि बहावलपुर में एक खुफिया परमाणु ठिकाना भी मौजूद है. कैंप की इस छावनी के पास मौजूदगी ISI की ओर से JeM को दिए जा रहे समर्थन और सुरक्षा का सबसे बड़ा सबूत है.
जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह

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