
जेल के कैदी ने बनाया था दुनिया का पहला टूथ ब्रश, फिर बाहर आकर खोली कंपनी, हुई पैसों की बारिश, जानें इतिहास
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1770 के दशक की जेल में एक कैदी ने दुनिया की पहली टूथब्रश बनाई थी. इन्होंने बाहर आकर कारोबार खोला. यहीं से जानवर के बाल से नायलॉन तक, हड्डी से इलेक्ट्रिक तक, टूथब्रश की पूरी कहानी आश्चर्यजनक और सीखने लायक है. वडोदरा के डेंटल म्यूजियम में सहेजे गए हजारों ब्रश बताते हैं कि रोजमर्रा की सबसे सामान्य चीज के पीछे भी इतिहास छुपा होता है.
बाथरूम में रखा टूथब्रश देखकर क्या आपने कभी ये सोचा है कि इसका अविष्कार कब, किसने और कैसे किया होगा. कहीं आपने ये तो नहीं सोचा कि किसी ने बस ऐसे ही एक दिन सोचा होगा और टूथ ब्रश बना दिया होगा. लेकिन नहीं टूथब्रश का इतिहास असल में बहुत रोचक है. ये एक कैदी द्वारा जेल की सेल से बनकर निकला था? इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर डेंटल रिसर्च की बीते हफ्ते दिल्ली में हुई एशिया पेसिफिक रीजनल कॉन्फ्रेंस में ब्रश के इतिहास से दुनिया के कई हिस्सों से आए रिसर्चर्स रूबरू हुए.
वडोदरा के डॉ योगेश चंद्राराना ने यहां डेंटल हेल्थ की एतिहासिक यात्रा को लेकर यहां प्रदर्शनी लगाई थी. डॉ योगेश चंद्राराना का वडोदरा में डेंटल म्यूजियम में है जहां 2300 से ज्यादा ब्रश हैं. हिस्ट्री समेटे उनके म्यूजियम को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी मिल चुका है. aajtak.in से डॉ चंद्रा ने ब्रश का इतिहास साझा किया.
उन्होंने बताया कि रिसर्च की ये कहानी 18वीं सदी के इंग्लैंड की है और इसके हीरो थे विलियम एडिस. एडिस एक कैदी थे और जेल में उन्हें एक क्राइम में सजा मिली थी. लेकिन अपने जेल प्रवास के दौरान उन्होंने 1770 के दशक में अपने हाथों से पहला ब्रश बनाकर ही मॉडर्न ओरल-हाइजीन क्रांति की ठोस नींव रखी थी.
कैसे एक साधारण विचार बना बड़ा आविष्कार
डॉ योगेश चंद्राराना ने बताया कि विलियम एडिस को 1770 में क्षेत्रीय दंगों के मामले में जेल में बंद किया गया था. जेल में उन्होंने देखा कि लोग दांतों को सिर्फ कपड़े, राख या सोडा से रगड़ते थे. लेकिन असल में उनके पास आज के टूथ ब्रश जैसा कोई विकल्प मौजूद नहीं था. फिर एक बार रात के खाने से बची-खुची जानवर की हड्डियां उसने बचा कर रख लीं. फिर अगले दिन उसने उस हड्डी में छोटे-छोटे छेद खोदे और जेल के किसी गार्ड से मिली सूअर के कड़क बालों की गांठें हड्डी में डाल कर चिपका दीं.
ये कोई छोटा काम नहीं था. असल-मायने में उस तारीख में एडिस ने दुनिया का पहला ‘ब्रश’ बना दिया था.जेल में ये ब्रश काफी पसंद किया गया और उन्होंने कई और ब्रश बना डाले. फिर जेल से बाहर आने के बाद एडिस ने अपने भाई के साथ मिलकर एक टूथ ब्रश की कंपनी डाली और इन्हें बनाकर बेचना शुरू किया और बाद में ब्रश-निर्माता कारोबार खड़ा कर लिया.

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